हरिद्वार के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय टिबड़ी के प्रधानाध्यापक का वेतन सूचना के अधिकार का प्रयोग करने पर रोक दिया गया।
प्रधानाध्यापक अरुण कुमार ने शिक्षा विभाग से सूचना के अधिकार के तहत जानकारियां मांगी तो आरोप है कि विभागीय अधिकारियों ने उनका वेतन ही रोक लिया। अरुण कुमार ने शिक्षक दिवस से आमरण अनशन शुरु करने की चेतावनी दी है।
तीन बिंदुओं पर सूचना मांगी
अरुण कुमार का कहना है कि उसने छह अगस्त को शिक्षा विभाग से तीन बिंदुओं पर सूचना मांगी थी। 22 अगस्त को उसे शिक्षा विभाग की ओर से पत्र मिला। पत्र में सूचना के पृष्ठों की संख्या 20580 बताते हुए दो रुपये प्रति पृष्ठ के हिसाब से 41160 रुपये जमा कराने की बात कही गई।
शिक्षक का आरोप है कि यह सब उसे डराने के लिए किया जा रहा है। ताकि वह अपनी सूचना वापस ले ले। शिक्षक का कहना है कि उसकी ओर से मांगी गई सूचना से विभागीय शिक्षकों की ओर से आकस्मिक अवकाश में की जा रही भारी धांधली का खुलासा हो सकता है।
शिक्षक का आरोप है कि सूचना मांगे जाने के बाद उनका अगस्त माह का वेतन विभाग ने रोक लिया है। हालांकि, इसके पीछे कारण दूसरे गिनाए जा रहे हैं। वह चिकित्सा अवकाश पर थे। इसके बाजवूद उनका वेतन रोके जाने का कोई औचित्य नहीं बनता है।
अरुण कुमार ने बहादराबाद के खंड शिक्षाधिकारी को पत्र देकर वेतन आहरित नहीं किए जाने की दशा में शिक्षक दिवस से आमरण अनशन शुरु करने की चेतावनी दी है।
शिक्षक अपने मूल विद्यालय झाबरी में ज्वांइनिंग नहीं कर रहा इसलिए वेतन रोकने के आदेश किए। सूचना मांगे जाने का इससे कोई संबंध नहीं है। जितनी सूचनाएं चाही गई हैं, उतना ही शुल्क मांगा गया है। सूचना शुल्क शिक्षक को डराने के लिए निर्धारित नहीं किया गया।
- कुशला प्रसाद, खंड शिक्षा अधिकारी बहादराबाद
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