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इंटरनेट से करते हैं 'मुन्नाभाई' वसूली

Tue, 24 Sep 2013 09:06 AM IST
मनीष चंद्र भट्ट/ अमर उजाला, देहरादून
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राजधानी में यूएपीएमटी में दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़े गए मुन्नाभाइयों ने कई राज खोले हैं।
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संगठित तरीके से चल रहा मुन्नाभाइयों का गिरोह इंटरनेट से भी नेटवर्क बढ़ा रहा है। इंटरनेट पर कोचिंग संस्थानों के नाम और एजेंटों के मोबाइल नंबर देकर गिरोह से जुड़े सदस्य ग्राहक तलाशते हैं। फिर मूल अभ्यर्थियों और मेधावी छात्रों का हुलिया मिलाया जाता है। लेकिन गिरोह के लोग दोनों तरह के छात्रों को आपस में मिलने नहीं देते हैं।

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सौदा कितने में होता है इसका भी पता मेधावी छात्रों को नहीं होता है। मुन्नाभाई बनाने वाले गिरोह का नेटवर्क उत्तराखंड समेत कई राज्यों में सक्रिय है। गिरोह चलाने वाला ज्यादातर कोचिंग संस्थानों के संचालकों के संपर्क में रहता है। बताते हैं कि कोचिंग संस्थानों को मोटी रकम इसके एवज में दी जाती है।
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कुछ मामलों में तो कोचिंग संस्थानों के संचालक भी गिरोह से जुड़े रहते हैं। पड़ताल में मालूम हुआ कि इसके लिए हरिद्वार, कानपुर, मेरठ, लखनऊ, पटना समेत तमाम शहरों में कुछ फर्जी कोचिंग संस्थान खोले गए हैं। इन संस्थानों में कम फीस में दाखिले के विज्ञापन इंटरनेट पर दिए जाते हैं। कम फीस पर कोचिंग के लालच में छात्र वहां दाखिला लेते हैं।

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इस तरह से, गिरोह को ग्राहक मिल जाते हैं। इनके बदले मेडिकल और दूसरी प्रवेश परीक्षाओं में ठीक-ठाक कोचिंग संस्थानों के मेधावी छात्रों से परीक्षा देने का सौदा किया जाता है। गिरोह के एजेंट कुछ-कुछ हुलिए से मिलते छात्रों का मिलान कर उनकी जगह मेधावी छात्र-छात्राओं को परीक्षा में बैठाते हैं। कंप्यूटर से भी फोटो की मिक्सिंग की जाती है।
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कोचिंग संस्थानों पर कसेगा शिकंजा
पुलिस मूल अभ्यर्थियों की लोकेशन पता कर रही है। उनकी कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। एसएसपी केवल खुराना ने बताया कि मूल अभ्यर्थियों की संलिप्तता की भी जांच की जाएगी। साथ ही गिरोह में शामिल कोचिंग संस्थानों के संचालकों पर भी शिकंजा कसा जाएगा।
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