अमेरिका के अधिकारियों के संपर्क में है ईडी
ईडी इस वक्त अमेरिका के अधिकारियों के संपर्क में भी है। बनमीत को अमेरिकी अदालत ने ही सजा सुनाई है। इस पूरे रैकेट के खुलासे के लिए ईडी अब परविंदर से कुछ लोगों को आमने-सामने बैठाकर बात करना चाहती है। ताकि और भी जानकारी जुटाई जा सके। बताया जा रहा है कि नरुला बंधुओं के भारत में कई और राजदार थे, जिन तक पहुंचने के लिए परविंदर से पूछताछ बेहद जरूरी है। ईडी परविंदर से हर दिन लगभग 10 घंटे से भी ज्यादा पूछताछ कर रही है।
ऐसे होता है ड्रग्स का अवैध कारोबार
पिछले दिनों उत्तराखंड में अब तक की सबसे बड़ी एलएसडी की खेप देहरादून पुलिस ने पकड़ी थी। इसमें भी खुलासा हुआ था कि तस्कर एलएसडी को डार्क वेब के माध्यम से मंगाते थे। डार्क वेब इंटरनेट का वह पहलू होता है, जो सामान्य तौर पर किसी की पकड़ में नहीं आता। बिटकॉइन और इसके जैसी कई आभासी मुद्राओं में ही डार्क वेब पर कारोबार किया जाता है। इनके प्रचलन में किसी बैंक खाते या इसके नेटवर्क का प्रयोग नहीं किया जाता है। बल्कि, यह अपने ही सर्वर पर काम करते हैं। ऐसे में पुलिस या अन्य जांच एजेंसियां सीधे तौर पर डार्क वेब पर कौन-कौन और किस वक्त सक्रिय है, इसका पता नहीं लगा सकती हैं।
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अमेरिकी जेल में बंद है बनमीत नरुला
बता दें कि हल्द्वानी निवासी बनमीत सिंह नरुला का करीब सात साल पहले ड्रग्स तस्करी में नाम आया था। वह अमेरिका में प्रतिबंधित दवाओं का अवैध कारोबार करता था। वर्ष 2019 में बनमीत को लंदन से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद मार्च 2023 को उसे अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया। अमेरिका में कोर्ट कार्यवाही के बीच उसने अपना जुर्म कुबूल किया था। ऐसे में अमेरिकी कोर्ट ने उसे पांच साल कैद और 150 मिलियन डॉलर जब्त करने की सजा सुनाई थी। यह रकम उसने करीब 10 सालों में अपने अवैध कारोबार से कमाई थी। इस बीच भारतीय जांच एजेंसियों ने भी बनमीत की जांच जारी रखी।