प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चार नशा तस्करों के खिलाफ स्पेशल ईडी कोर्ट में बुधवार को आरोपपत्र दाखिल किया है। चारों आरोपियों को एसटीएफ ने मार्च 2020 में एसटीएफ ने 31 किलोग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया था। ईडी की जांच में इन पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप भी पाए गए हैं।
एसटीएफ ने संग्राम सिंह उर्फ संतोष, सुंदर सिंह, विशाल कक्कड़ और नंदन सिंह को गिरफ्तार किया था। चारों आरोपी पहाड़ी जिलों से चरस खरीदकर लाते थे और इसे दिल्ली व इसके आसपास के क्षेत्रों में बेचते थे। इससे सभी ने भारी आय अर्जित की थी। एसटीएफ ने चारों के खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इस एफआईआर के आधार पर ईडी ने भी जांच शुरू की। जांच में पाया गया कि ये सभी लोग चरस बिक्री में हमेशा से साथ रहे थे। इनके बैंक खातों, संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की जांच वर्तमान में भी की जा रही है।
ईडी ने अब तक की जांच में पाया कि सुंदर सिंह ने वर्ष 2018 से 2020 के बीच अपने कई बैंक खातों में लाखों रुपये नकद जमा किए। जबकि, उसकी आयकर रिटर्न में घोषित आय और वास्तविक जमा राशि में भारी अंतर पाया गया। इसी तरह संग्राम सिंह उर्फ संतोष की घोषित आय भी सीमित थी। उसके बैंक खातों में उसकी आय से अधिक लेनदेन पाया गया।
इन तथ्यों के आधार पर ईडी ने पाया कि ये सभी लोग अर्जित धन का शोधन कर रहे थे। इस पर इनके खिलाफ स्पेशल ईडी कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई है।