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ईस्टर आज, ईसाई समुदाय नहीं निकालेगा जुलूस

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ईस्टर ईसाई समुदाय के बड़े पर्वों में से एक माना जाता है। माना जाता है कि इस दिन प्रभु यीशु मृत्यु के तीन दिन बाद फिर से जीवित हो उठे थे। इसके चलते समुदाय के लोग यह पर्व हर्ष्षोल्लास के साथ मनाते हैं। इस बार ईस्टर रविवार को मनाया जाएगा, लेकिन कोरोना के चलते समुदाय के लोग जुलूस नहीं निकालेंगे। चर्च और घर में विशेष प्रार्थना कर लोग जश्न मनाएंगे।
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राजपुर रोड स्थित मॉरिसन मेमोरियल चर्च के रेवरेन पीजे सिंह ने बताया कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ईस्टर पर्व का छोटे स्तर पर जश्न मनाने का फैसला लिया गया है। चर्च में सुबह सीमित लोगों के साथ प्रार्थना की जाएगी। चर्च में सोशल डिस्टेंस का पालन हो सके, इसके लिए समुदाय के लोगों के लिए ऑनलाइन प्रार्थना का आयोजन किया जाएगा। बताया कि ईसाई धर्म की मान्यताओं के अनुसार गुड फ्राइडे के दिन प्रभु यीशु ने अपने शरीर का त्याग कर दिया था और ईस्टर के दिन वह फिर से जीवित हो गए थे।
माना जाता है कि फिर से जीवित होने के बाद प्रभु यीशु 40 दिनों तक अपने शिष्यों के साथ रहे। इसके बाद प्रभु यीशु हमेशा के लिए स्वर्ग चले गए, तभी से ईस्टर का पर्व 40 दिनों तक मनाने की परंपरा है।
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रोशन होते हैं घर और चर्च
ईस्टर के उपलक्ष्य में चर्च और घर रंग बिरंगी लाइटों व मोमबत्तियों से रोशन होते हैं। नैशविला रोड स्थित सेंट्रल मेथेड चर्च कमेटी के सदस्य राहुल दयाल ने बताया कि ईस्टर पर्व का पहला सप्ताह ईस्टर सप्ताह कहलाता है। चर्च और घर को मोमबत्तियों से रोशन करने के साथ समुदाय के लोग बाइबल का पाठ करते हैं।
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