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उत्तराखंड: प्रदेश में कई जगह भूकंप के झटकों से डोली धरती, कहीं से कोई नुकसान की सूचना नहीं

Fri, 12 Feb 2021 11:31 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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भूकंप के बाद देहरादून में घरों से बाहर निकले लोग - फोटो : अमर उजाला
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पूरे उत्तर भारत समेत उत्तराखंड में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। रात करीब 10 बजे राजधानी देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली, श्रीनगर, ऋषिकेश समेत प्रदेश में कई जगह भूकंप के झटकों से धरती डोली। हरिद्वार के भीमगोड़ा और बहदराबाद में भी कुछ लोगों ने भूकंप के हल्के झटके महसू किए। चमोली जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी ने बताया भूकंप से कोई नुकसान की सूचना नहीं है। अभी भूकंप के केंद्र की सूचना भी नहीं आई है। 

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देहरादून में रात को जैसे ही भूकंप के झटके महसूस हुए सहस्त्रधारा रोड स्थित विंडसर कोर्ट में लोग बिल्डिंग से नीचे उतरकर आ गए। वहीं, बंजारावाला क्षेत्र में भी लोग घरों से बाहर आ गए। काफी देर तक लोग भूकंप को लेकर ही चर्चा करते रहे। 

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार 5 मिनट की अवधि में दो भूकंप आए। भूकंप का इसका पहला केंद्र ताजिकिस्तान रहा और दूसरा केंद्र पंजाब का अमृतसर रहा। ताजिकिस्तान में भूकंप की तीव्रता 6.3 रही, जबकि अमृतसर में 6.1 तीव्रता मापी गई। 
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भूकंप के लिहाज से उत्तराखंड संवेदनशील
भूकंप के लिहाज से उत्तराखंड संवेदनशील है। चमोली जिला भूकंप की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। दिसंबर की पहली तारीख को भी सुबह उत्तराखंड के कई इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। 

वहीं, आपको बता दें कि उत्तराखंड के साथ ही हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश समेत आसपास के क्षेत्रों में भूकंप के पूर्वानुमान की अब और अधिक सटीक जानकारी मिलेगी। भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर मुंबई और यूसर्क की ओर से देहरादून के राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मालदेवता में राज्य का पहला रेडान सेंटर स्थापित किया गया है। 

ग्लेशियरों के लिए भी खतरा
हिमालयी क्षेत्रों में ग्लेशियरों के लिए भी छोटे भूकंप खतरा बन सकते हैं। ढाई से तीन रिक्टर स्केल तक भूकंप आना आम बात है। इतनी कम तीव्रता के भूकंप महसूस नहीं होते हैं, लेकिन ये ग्लेशियरों में कंपन पैदा कर उनको कमजोर बनाते हैं, जिससे ग्लेशियर धीरे-धीरे कमजोर पड़ जाते हैं। ऐसे में बड़ा भूकंप आने की दशा में ग्लेशियरों के टूटने की आशंका ज्यादा रहती है।
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