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उत्तराखंडः तड़के भूकंप से डोली धरती, बागेश्वर का गोगिना रहा केंद्र, एक मकान हुआ क्षतिग्रस्त

Sat, 08 Feb 2020 09:05 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • भूकंप के झटकों से हिला अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़
  • बागेश्वर के दुगनाकुरी में एक मकान की दीवार गिरने से दो लोग घायल
  • तीन अन्य मकानों में पड़ीं दरारें, कपकोट का गोगिना गांव था भूकंप का केंद्र
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भूकंप के झटके किए गए महसूस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और बागेश्वर समेत कुमाऊं के कई हिस्सों शनिवार की सुबह करीब साढ़े छह बजे भूकंप के झटके  महसूस किए गए। बागेश्वर जिले की दुगनाकुरी तहसील के किड़ई गांव में एक मकान की दीवार गिरने से दो लोग चोटिल हो गए, जबकि तीन अन्य मकानों में दरारें पड़ गईं। भूकंप का केंद्र कपकोट का गोगिना गांव बताया जा रहा है। 

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बागेश्वर की जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.7 आंकी गई। डीडीहाट, मुनस्यारी, मुवानी, नाचनी, कौसानी और गरुड़ में भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए।  अल्मोड़ा के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी राकेश जोशी ने बताया कि अल्मोड़ा सहित जिले के अन्य इलाकों में भूकंप की सूचना है लेकिन कहीं भी किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है। झटके महसूस होते ही लोग घरों से बाहर आ गए। इन स्थानों पर नुकसान नहीं हुआ है।

भूंकप से घर की दीवार टूटी

बागेश्वर जिले की दुगनाकुरी तहसील के किड़ई गांव में भूंकप से घर की दीवार टूटने लछीराम की पत्नी बसंती देवी (36) और 13 वर्षीय पुत्री रीता को मामूली चोट लगी, जिन्हें जिला अस्पताल में उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। राजस्व पुलिस ने प्रभावित परिवार को दो कंबल, 3800 रुपये और एक आपदा राहत किट दी है। 

कपकोट के एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि मौका मुआयना करने के लिए राजस्व विभाग की टीम को गोगिना के आसपास भेजा गया। बताया कि ग्राम पोथिंग निवासी नंदन सिंह, ग्राम असौं निवासी उम्मेद सिंह और राजन सिंह के मकान भी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। कपकोट नगर पंचायत के सभासद तनुज तिरुवा ने बताया कि भराड़ी में बने शुलभ शौचालय की दीवार भी चटक गई है।
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भूकंप के झटके आते ही घरों से बाहर भागे लोग

शनिवार सुबह 6.32 मिनट पर कर्णप्रयाग, देवाल, थराली, गौचर, सिमली, लंगासू कस्बों सहित ग्रामीण क्षेत्रों में हल्के भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटके करीब चार सेकेंड तक महसूस किए गए। भूकंप से किसी भी नुकसान की कोई खबर नहीं है। पिंडरघाटी में भूकंप के तेज झटके आते ही लोग घरों से बहार निकल आए।

वहीं श्रीनगर में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। पूनम मैठाणी, विनय भट्ट, अजय रावत और अनूप बहुगुणा ने बताया कि जब घर की खिड़कियां हिलती दिखाई दीं तो भूकंप के झटके का पता चला।

भूकंप के लिहाज से संवेदनशील

उत्तराखंड भूकंप के अति संवेदनशील जोन पांच व संवेदनशील जोन चार में आता है। रुद्रप्रयाग (अधिकांश भाग), बागेश्वर, पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी जिले जोन पांच में आते हैं। ऊधमसिंहनगर, नैनीताल, चंपावत, हरिद्वार, पौड़ी व अल्मोड़ा जोन चार में हैं और देहरादून व टिहरी दोनों जोन में आते हैं।
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