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उत्तराखंड: भूकंप के तेज झटकों से थर्राया केदारनाथ धाम, 75 से अधिक घरों में पड़ी दरारें

Thu, 07 Dec 2017 10:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग/गोपेश्वर
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earthquake
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बुधवार रात 8.51 बजे करीब 10 सेकेंड तक 5.1 तीव्रता के भूकंप से केदारनाथ धाम में हलचल मच गई। जनपद के अन्य क्षेत्रों में भी भूकंप के तेज झटकों से 75 से अधिक मकानों और गोशालाओं में दरारें पड़ गई हैं।
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केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्यों में जुटे निम के प्रभारी देवेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि भूकंप से तेज झटके लगने पर ऐसा लगा कि मकान ढह जाएंगे। उन्होंने कहा कि शुक्र है कि बड़ा नुकसान नहीं हुआ।

भूकंप का केंद्र रहे अगस्त्यमुनि ब्लॉक के तोलियूं सहित अन्य निकटवर्ती गांवों मे 30 से अधिक घरों में दरारें पड़ी हैं। इस वर्ष छह फरवरी को भी क्षेत्र में भूकंप आया था, जिसका केंद्र कुंड क्षेत्र था। तब कालीमठ घाटी में चार लोग घायल हो गए थे और पूरे क्षेत्र में अधिकांश घरों में दरारें पड़ गई थी। छह परिवार दो माह तक टेंट में रहे थे।
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इधर, रुद्रप्रयाग जिले के जखोली ब्लॉक में नाग, पूर्वियाणा, अठोला, बुरोला, मरगांव, पुजारगांव, कंडाली और सुमाड़ी में 25 से अधिक मकानों, ऊखीमठ ब्लॉक की ग्राम पंचायत बुरूवा में 20 मकानों में दरारें पड़ी हैं।

कालीमठ घाटी, मद्महेश्वर घाटी क्षेत्र में भी कुछ जगहों पर दरारें पड़ने की सूचना है। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने स्वीकार किया कि कई मकानों में दरारें पड़ने की सूचना हैं। जल्द ही राजस्व पुलिस के माध्यम से सर्वेक्षण कराया जाएगा।

चमोली जिले में भी भूकंप के झटकों से लोग रातभर दहशत में रहे। आपदा प्रभावित घाट क्षेत्र के बंगाली और मोख मल्ला गांव में कई घरों में भी दरारें आ गई हैं। भूकंप के झटके महसूस होते ही ग्रामीण खाना छोड़कर बाहर आ गए।
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कई लोग तो सुरक्षित स्थानों पर चले गए। बंगाली गांव के दिनेश सिंह, प्रेम सिंह, कुंदन सिंह, गोपाल सिंह, अवतार सिंह और मोख मल्ला गांव के धनीराम तिवारी के मकानों में भूकंप से दरारें पड़ गई हैं।

प्रेम सिंह का कहना है कि फरवरी में आए भूकंप के झटकों से मकान में दरारें आ गई थी, लेकिन बीती रात आए भूकंप से दरारें चौड़ी हो गई हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से क्षतिग्रस्त मकानों का मौका-मुआयना करने की मांग की है।

चमोली के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि भूकंप से किसी भी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है। यदि किसी प्रभावित की ओर से नुकसान की सूचना दी गई तो उसका परीक्षण करवाया जाएगा।
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