उत्तराखंड समेत पांच राज्यों में बुधवार की शाम भूकंप के झटके महसूस किए गए। जिसके बाद राज्य के पहाड़ी इलाकों में बारिश, ओलावृष्टि और मैदानी इलाकों में आंधी शुरू हो गई।
राजधानी में बुधवार को भूकंप का झटका आने से अफरातफरी मच गई। हालांकि झटका काफी धीमा था लेकिन ऊंचे भवनों पर इसका असर देखने को मिला। झटका लगते ही लोग तुरंत भवनों से बाहर निकल गए। मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार, उत्तराखंड में झटका बहुत ही हल्का था। बुधवार को दिन में सबकुछ सामान्य था। लोग रोजाना की तरह अपने रोजमर्रा के काम निपटा रहे थे। अपराह्न करीब साढ़े चार बजे अचानक घर के दरवाजे-खिड़कियों में हल्का कंपन होने लगा। छत के पंखे भी हिलने लगे। भूकंप की आहट होते ही लोग तुरंत घरों और कार्यालयों से बाहर निकल गए। सचिवालय में भी अधिकारी और कर्मचारी झटके के बाद बाहर निकल गए।
वहीं, एमडीडीए कालोनी, वसुंधरा एनक्लेव, विद्या विहार, नारायण विहार समेत ऊंचे अपार्टमेंट और फ्लैट में रहने वाले लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए। खबर लिखे जाने तक राजधानी में कहीं भी नुकसान की कोई सूचना नहीं आई थी। वहीं, श्रीनगर गढ़वाल में भी हल्का झटका महसूस किया गया। केंद्रीय गढ़वाल विवि के कर्मचारी मनोज रतूड़ी और श्रीनगर निवासी मोहन कुमार ने बताया कि शाम को वह अपने ऑफिस में बैठे थे। इसी दौरान हल्की सी धरती डोली। जब तक कुछ समझ में आता, तब तक धरती डोलना बंद हो गया।