ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन को भूकंप का खतरा बताया जा रहा है। इसका कारण वैज्ञानिकों के बताए ये डेंजर प्वाइंट है। पढ़िए पूरी खबर..
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन चार भूकंपीय ‘थ्रस्ट’ से होकर गुजरेगी। ऋषिकेश से कर्णप्रयाग के बीच में 16 पुल बनाए जाने हैं। ये पुल हिमालयी क्षेत्र में संभावित भूकंपों का झटका झेल सकें, इसके लिए यहां की जमीन की ताकत आंकी जा रही है।
इस संबंध में आईआईटी रुड़की के भूकंप इंजीनियरिंग विभाग ने शुरुआती रिपोर्ट भी तैयार कर ली है। पुलों के अलावा उस भूमि की स्थिति भी देखी जा रही है जिस पर लाइन बिछाई जाएगी।
उत्तराखंड आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के बैनर तले ‘डिजास्टर रिजिलिएंट इनफ्रास्ट्रकचर इन दि हिमालयाज: आपॉरच्युनिटीज एंड चैलेंजेज’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम के अंतिम दिन वैज्ञानिक सत्र में बताया गया कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन जहां बिछाई जा रही है, वहां के ‘ग्राउंड मोशन’ का आकलन चल रहा है।
इसके साथ ही यहां तरंगों की गति का भी पता लगाया जा रहा है। विज्ञानी पता कर रहे हैं कि अगर आठ या इससे अधिक तीव्रता (मैग्नीट्यूड) का भूकंप आएगा तो यहां तंरगों की गति किस हद तक बढ़ सकती है और यहां के निर्माण की क्या स्थिति होगी?