फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड के जोशीमठ में आया 7.2 रिक्टर का 'भूकंप'

Wed, 22 Feb 2017 10:38 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
1 of 5
mock drill - फोटो : amar ujala
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग ने मंगलवार को भूकंप का मॉक अभ्यास किया। माना गया कि उत्तराखंड के जोशीमठ में सुबह दस बजकर दो मिनट पर 7.2 रिक्टर का भूकंप आया। इसके बाद आईटीबीपी और आर्मी को अलर्ट किया गया। वहीं अधिकारी इसकी सूचना मिलते ही आपातकालीन परिचालन केंद्र में पहुंचे।
 
विज्ञापन

2 of 5
mock drill
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण गृह मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से मॉक अभ्यास किया गया। माना गया कि भूकंप का केंद्र जोशीमठ तहसील का तपोवन गांव था। भूकंप से चमोली, उत्तरकाशी, टिहरी व देहरादून जिले प्रभावित रहे। मॉक ड्रिल के अनुसार भूकंप के झटके महसूस होने या अन्य माध्यमों से भूकंप का पता चलने पर आपदा प्रबंधन के तहत विभिन्न यूनिटों से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी सचिवालय स्थित आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे।
 
विज्ञापन

3 of 5
mock drill
अधिकारियों ने केंद्र में पहुंचकर अपने दायित्वों को संभाला। भूकंप के बाद देहरादून, टिहरी, चमोली व उत्तरकाशी जिलों में भी जिला आपदा केंद्र सक्रिय हो गए। संबंधित जिलों में पहले से चिन्हित स्टेजिंग एरिया में पुलिस होमगार्ड विभिन्न विभागीय अधिकारी उपलब्ध संसाधनों के साथ एकत्र हो गए। इस दौरान दूरसंचार सेवाएं बाधित रहीं। ऐसी स्थित में सेटेलाइट फोन व वायरलेस सिस्टम का उपयोग किया गया। संपर्क के लिए हेल्प लाइन नंबर प्रसारित किए गए। मॉक अभ्यास के बाद मुख्य सचिव एस रामास्वामी की अध्यक्षता में इसकी समीक्षा की गई और विभिन्न खामियों को चिन्हित किया गया।
 

4 of 5
mock drill
मुख्य सचिव ने कहा कि आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को भूकंप के झटके महसूस होने पर स्वत: ही निर्धारित स्थलों पर पहुंच कर अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। इसके लिए किसी आदेश की प्रतीक्षा नहीं की जानी चाहिए। यातायात विभाग ऐसी स्थिति में अधिग्रहित किए जाने वाले वाहनों की सूची तैयार रखें। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
mock drill
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भारत सरकार के वरिष्ठ सलाहकार मेजर जनरल वीके दत्ता ने मॉक अभ्यास को संतोषजनक बताते हुए कहा कि स्टेजिंग एरिया में व्यवस्थाओं को सुधारना होगा। आपसी समन्वय पर भी अधिक ध्यान देना होगा। समीक्षा बैठक में इंसिडेंट कमांडर अमित नेगी सहित आपदा प्रबंधन के अंतर्गत काम करने वाले अधिकारियों ने अपने अनुभव बताए। इस अवसर पर पर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भारत सरकार के वरिष्ठ सलाहकार जनरल वीके नायक, सचिव अरविंद सिंह ह्यांकी, अपर सचिव सी रविशंकर आदि मौजूद रहे। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें