बृहस्पतिवार शाम करीब 4:47 बजे उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। कम तीव्रता के इस भूकंप से जिले में किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ।
उत्तरकाशी डीएम डॉ.आशीष चौहान ने तत्काल आपदा कंट्रोल रूम में पहुंचकर स्थितियों का जायजा लिया। एक माह के भीतर भूकंप के दूसरे बड़े झटके से लोग किसी बड़े भूकंप की आशंका से भयभीत हैं। भूकंप का झटका आने पर लोग घर-दुकानों से बाहर आ गए।
20 अक्तूबर 1991 की रात आए 7.1 तीव्रता के भीषण भूकंप से जनपद उत्तरकाशी में जान माल को भारी नुकसान हुआ था। तब छह सौ से ज्यादा लोग काल के गाल में समा गए थे। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि उत्तरकाशी जनपद भूकंप के लिहाज से संवेदनशील जोन-4 व 5 में आता है।
बीते सालों में यहां कई बार भूकंप के झटके महसूस किए जा चुके हैं। भूकंप में ज्यादा नुकसान न हो इसके लिए लोगों को भूकंपरोधी तकनीकी से भवन निर्माण के लिए प्रेरित करने के साथ ही आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
वर्ष 2017 में ही सीमांत जनपद उत्तरकाशी में भूकंप के छोटे-बड़े 14 झटके महसूस किए जा चुके हैं। इनका केंद्र उत्तरकाशी तथा पड़ोस के रुद्रप्रयाग और चमोली जनपद में रहा। इनमें से नौ झटके रिक्टर स्केल पर 4 तीव्रता से कम के थे। जबकि पांच झटके 4 से 5.8 तीव्रता के मांपे गए।
2017 आए भूकंप के झटके...
दिनांक - रिक्टर स्केल पर तीव्रता
10 जनवरी- 3.2
23 जनवरी- 3.5
3 फरवरी- 3.6
6 फरवरी- 5.8
6 फरवरी- 3.6
11 फरवरी- 3.2
7 अप्रैल- 4.0
10 अप्रैल- 3.8
16 अप्रैल- 3.5
12 जून- 3.0
10 जुलाई- 3.8
22 अगस्त- 4.2
6 दिसंबर- 5.5
28 दिसंबर- 4.7