वैज्ञानिकों ने इससे बचाव के रास्ते तलाशने पर काम शुरू कर दिया है। कार्बन उत्सर्जन की मात्रा पर रोक लगाने के साथ ही भारतीय मौसम विभाग भी इस पर अध्ययन के लिए 20 रडार लगा रहा है।
देशभर के वैज्ञानिक तापमान बढ़ने की आशंका तो जता चुके हैं, लेकिन बारिश पर इसका क्या असर पड़ेगा, इसको लेकर असमंजस में है। खासतौर से हिमालयन परिक्षेत्र में बारिश का अध्ययन काफी मुश्किल है।
आईआईटीएम के मुताबिक, अध्ययन में सबसे मुश्किल काम डाटा कलेक्शन का है। डाटा दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों के बीच से एकत्रित करना है। लेकिन आने वाले समय में इस दिशा में अध्ययन किया जाएगा।