देहरादून में आठ रूटों पर ई-रिक्शा दौड़ते नजर आएंगे। एआरटीओ प्रवर्तन ने रूटों का सर्वे कर आरटीओ को रिपोर्ट सौंप दी है। रूट आरटीए में पास होने के बाद ही ई-रिक्शा चालकों को परमिट मिल पाएगा।
विगत माह केंद्र सरकार ने हर प्रदेश में ई-रिक्शा चलाने की गाइड लाइन जारी की थी। जिस पर उत्तराखंड परिवहन आयुक्त ने सभी आरटीओ को व्यवस्था बनाने के निर्देश दिया था। शहर में सर्वे कर ई-रिक्शा के लिए आठ रूटों को फाइनल किया गया है।
एआरटीओ प्रवर्तन रामप्रकाश राठौर ने सर्वे रिर्पोर्ट आरटीओ दिनेश चंद पठोई को सौंप दी है। अब रिपोर्ट को आरटीए की मीटिंग में रखा जाएगा। आरटीए को ही रूट पास करने है। तभी ई-रिक्शा चालकों को ठेका परमिट और उनका लाइसेंस जारी हो सकेगा।
तीन कंपनियों को दिया ट्रेड सर्टिफिकेट
आरटीओ दिनेशचंद पठोई ने बताया कि मुख्यालय से तीन कंपनियों को (दो को सवारी, एक को मालगाडी) का ई-रिक्शा बेचने का ट्रेड सर्टिफिकेट जारी किया गया है।
4 से 10 किमी तक के रूट
एआरटीओ रामप्रकाश राठौर ने बताया कि रूट सर्वे के दौरान नियमों को ध्यान में रखते हुए 4 से 10 किलोमीटर तक के रूट बनाए गए हैं। सबसे लंबा रूट प्रेमनगर से आईएसबीटी तक का है। जिसकी दूरी 10 किलोमीटर है।
परमिट मिला नहीं, संचालन शुरू
शहर में ई-रिक्शा चलने के आदेश होते ही सैकड़ों लोगों ने ई-रिक्शा खरीद लिया है। परमिट मिले बिना ही रोड पर उतार भी दिया है। आरटीओ का कहना है कि ऐसे ई-रिक्शा की धरपकड़ की जा रही है।
...ये है रूट
कहां से - वाया - कहां तक
प्रेमनगर - गोरखपुर - आईएसबीटी
जोगीवाला चौक - नत्थनपुर - जोगीवाला बाईपास
जोगीवाला चौक - बद्रीपुर - जोगीवाला चौक
अनुराग चौक - सीमाद्वार - आईएसबीटी
साईलोक कॉलोनी - इंजीनियर कॉलोनी - महंत इंदिरेश अस्पताल
रिस्पना पुल - लक्ष्मी रोड - सर्वे चौक
अजंता होटल - पुलिस ऑफिसर कॉलोनी - केनाल रोड
प्रिंस चौक - त्यागी रोड - रेसकोर्स