नगर निगम में मेयर सुनील उनियाल गामा से वार्ता करते ई-रिकशा चालक।
देहरादून। परिवहन विभाग की ओर से राजधानी के मुख्य मार्गों पर ई-रिक्शा के संचालन पर रोक लगाए जाने से आंदोलित ई-रिक्शा संचालकों ने दूसरे दिन भी संचालन ठप रखा। बृहस्पतिवार को संचालकों ने बैठक कर विभाग के फरमान का विरोध कर परिवहन मंत्री यशपाल आर्य, मेयर सुनील उनियाल गामा और विधायक हरबंस कपूर को ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की। साथ ही शुक्रवार को भी संचालन ठप रखने का निर्णय लिया है।
ई-रिक्शा संचालकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार देर रात एसएसपी अरुण मोहन जोशी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने समस्याओं से अवगत कराया। एसएसपी ने बताया कि एसपी ट्रैफिक की अगुवाई में एक समिति गठित की गई है। यह समिति सभी पहलुओं पर अध्ययन कर रिपोर्ट सौंपेगी कि किन-किन मुख्य मार्गों पर ई-रिक्शा संचालित की अनुमति दी जा सकती है। उसके बाद कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में ई-रिक्शा डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुज जैन, ई-रिक्शा संचालक एसोसिएशन के अध्यक्ष मारुफ राव, सुरेंद्र तिवारी, राजीव शर्मा, चंद्र नेगी, रजत वशिष्ठ, राहुल अरोड़ा, रोहित आहुजा, सुनील शाह, दीपक गुप्ता आदि शामिल रहे।
कुछ मुख्य मार्गों और गलियों में दौडे़ ई-रिक्शा
आंदोलन के दूसरे दिन कुछ ई-रिक्शा संचालक मुख्य मार्गों के साथ-साथ गलियों में भी खूब दौड़े। कुछ मार्गों पर दिनभर ई-रिक्शा दौड़ते नजर आए। इस संबंध में ई-रिक्शा संचालकों ने बताया कि गलियों में संचालन बिल्कुल भी फायदेमंद नहीं है। किराया कम होने की वजह से शहरवासी ई-रिक्शा पसंद कर रहे हैं। इससे ऑटो संचालकों की लूट पर अंकुश लगा है। लेकिन अब इनकी लूट शुरू हो जाएगी।