कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए लॉक डाउन से कई लोगों का रोजगार छिन गया है। काम छूटने से लोगों के सामने रोजी रोटी की दिक्कतें पेश आ रही है। मुश्किल की इस घड़ी में कुछ लोगों ने संगठन तो कुछ ने व्यक्तिगत रूप से सहयोग के लिए हाथ बढ़ाया है।
देहरादून में उद्यमी शिल्पा भट्ट बहुगुणा के मुताबिक उनके देहरादून में चार रेस्टोरेंट विभिन्न स्थानों पर चल रहे हैं । लॉक डाउन के चलते उनके वहां काम करने वाले स्टाफ के साथ ही अन्य लोगों को भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में उन्होंने जिलाधिकारी से अनुमति लेकर ना सिर्फ़ स्टाफ बल्कि राहगीरों एवं जरूरतमंदों के लिए भोजन की व्यवस्था की है।
पुलिसकर्मियों को भी उनकी ओर से लंच पैक उपलब्ध कराए जा रहे हैं ।उन्होंने कहा कि जहां कहीं से उनको सूचना मिलती है वहां पर लंच पैक उपलब्ध कराया जा रहा है ।बिजाल संस्था की अध्यक्ष सरिता नेगी सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रही है ।उनका कहना है कि पहाड़ों में राशन की दुकानों में भीड़ हो रही है यदि लोगों को जागरूक ना किया गया तो लॉक डाउन का कोई फायदा नहीं होगा।
गुरुद्वारा दुख निवारण नेहरू कॉलोनी की ओर से भी प्रधान जगजीत सिंह ,सेवादार राजरानी, प्रदीप नसीब सिंह आदि के द्वारा मजदूरों के लिए लंगर की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा दून वैली महानगर उद्योग व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष हरीश विरमानी की ओर से भी जगह-जगह चाय के स्टॉल लगाकर सहयोग किया जा रहा है।
लॉक डाउन से गरीब मजदूरों की रोजी-रोटी छिन गई है और वे भुखमरी का शिकार हो रहे हैं। सरकार तमाम ऐसी बस्तियों की झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले मजदूरों को खाने व सम्मान की व्यवस्था करें ताकि उन्हें फौरी राहत मिल सके।
-लेखराज महामंत्री सीटू