आईसीएमआर की रिपोर्ट के अनुसार ई-सिगरेट तंबाकू और सिगरेट से भी ज्यादा हानिकारक है। इसका इस्तेमाल करने से छाती, फेफडे़ और हार्ट और दिमाग पर बुरा असर पड़ता है। अमेरिका, कनाडा, आस्ट्रेलिया, यूके में हुए अध्ययन के अनुसार 70 प्रतिशत लोग निकोटिन की तलब के लिए ई-सिगरेट का उपयोग कर रहे हैं। ई-सिगरेट की कश से अमेरिका में सैकड़ों युवा बीमारी की चपेट में आए हैं। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ने भी माना कि ई-सिगरेट की स्मोकिंग बेहद खतरनाक है।
डिवाइस के रूप में काम करती है ई-सिगरेट
ई-सिगरेट एक खास प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक गैजेट है। इसे बैटरी से चलाया जाता है। यह उपकरण निकोटिन वाले घोल को गर्म कर एयरोसोल पैदा करता है। जब इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति कश लगाता है तो हीटिंग डिवाइस इसे भाप में बदल देती है। साधारण सिगरेट और तंबाकू के बदले युवा इस गैजेट का इस्तेमाल करते हैं।
केंद्र ने ई-सिगरेट को प्रतिबंध करने के लिए गाइड लाइन जारी कर दी है। इसी तर्ज पर प्रदेश भी ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। जल्द ही इस संबंध में आदेश जारी किए जाएंगे। वीडियो कांफ्रेंसिंग में केंद्र की ओर से इस संबंध में दिशा निर्देश दिए गए।
- अरूणेंद्र सिंह चौहान, अपर सचिव, स्वास्थ्य विभाग