दून में ऐसे बढ़ रहा प्रदूषण
वर्ष- पीएम-10
2011-138.32
2012-176.72
2013-168.12
2022-195.16
कार्बन उत्सर्जन से यह नुकसान
विशेषज्ञों के मुताबिक, वायुमंडल में कार्बन की मात्रा बढ़ने से पर्यावरणीय असंतुलन को बढ़ावा मिलता है। इससे बाढ़, सूखा, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि असंतुलन का खतरा पैदा हो जाता है। वहीं कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को भी भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
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इलेक्ट्रिक बसों का शुरुआती प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। बसों से 700 टन से ज्यादा कार्बन का उत्सर्जन रोक पाना बड़ी उपलब्धि है। महानगर में ई-वाहनों के प्रयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। -सोनिका, सीईओ, देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड