कोरोना संकट के बीच पहले ही शहर में सिर्फ चुनिंदा जगह रावण दहन कार्यक्रम तय थे, मगर प्रशासन के सख्त नियमों के चलते बन्नू स्कूल में होने वाला सूक्ष्म रावण दहन भी रद्द कर दिया गया है। प्रशासन द्वारा मात्र 50 लोगों की उपस्थिति की शर्त पर बन्नू बिरादरी समिति ने नाराजगी जताते हुए यह फैसला लिया। वहीं, प्रेमनगर में दशहरा की तैयारियां पूरी है, लेकिन यहां भी रावण की ऊंचाई को लेकर पेंच फंस सकता है।
बन्नू स्कूल रेसकोर्स में हुई पत्रकार वार्ता में बिरादरी के अध्यक्ष हरीश विरमानी ने कहा कि दशहरा की पूरी तैयारियां कर ली गई थीं। रावण के पुतले की ऊंचाई भी प्रशासन की गाइडलाइन के अनुसार 10 फीट रखी गई, लेकिन अब प्रशासन ने 50 लोगों की शर्त भी रखी है। इस पर समिति ने आपत्ति जताई है। कहा कि समिति ने प्रशासन से विवाह समारोह की तर्ज पर 200 लोगों की अनुमति मांगी। क्योंकि, यह आयोजन देहरादून में 72 सालों से परेड ग्राउंड में होता आ रहा है। इस दौरान सचिव मनीष गेरा, संतोख नागपाल, अजय कथूरिया, चंद्र प्रकाश भाटिया उपस्थित रहे।
‘प्रशासन को दिखानी चाहिए नरमी’
प्रेमनगर दशहरा कमेटी के संयोजक राजीव कुमार ने कहा कि समिति ने 20 फीट का रावण का पुतला बनाया है, लेकिन प्रशासन ने 10 फीट की ऊंचाई तय की है। समिति ने कहा कि प्रशासन को नियमों में थोड़ी नरमी दिखानी चाहिए, क्योंकि कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अगर प्रशासन ने अनुमति नहीं दी तो तो मजबूरन कार्यक्रम रद्द कर दिया जाएगा। कहा कि रावण पुतले में मास्क व सैनिटाइजर की बोतलें लगाई गई हैं, जिससे लोग जागरूक हो सकें।
इस बार लंका दहन भी नहीं
श्री रामलीला कला समिति की ओर से झंडा तालाब में होने वाला लंका दहन भी इस बार देखने को नहीं मिलेगा। समिति अध्यक्ष अरविंद गोयल ने कहा कि सूक्ष्म लंका दहन की अनुमति मांगी थी, जो नहीं मिल सकी। अब समिति 28 अक्तूबर को राज तिलक की तैयारी कर रही है। इसकी अनुमति भी मांगी है।