दस मोहर्रम पर मंगलवार को विकासनगर बाजार में ताजिया निकाले गए, वहीं हरिपुर कालसी में मातमी जुलूस निकाला गया। या हुसैन की सदाओं पर छुरियों और जंजीरों से अपने आप को लहुलूहान किया गया। अंबाड़ी में भी जुलूस निकाला गया। जिसमें लोगों ने सीनाजनी की।
अंजुमन मोहर्रम तंजीम समिति की ओर से विकासनगर बाजार में ताजिया निकाले गए। ताजिया के साथ निकाला गया जुलूस मुख्य बाजार, मुस्लिक कॉलोनी, अस्पताल रोड चौक, पहाड़ी गली, चुंगी नंबर दो होते हुए बाबूगढ़ स्थित ईदगाह (करबला) में संपन्न हुआ। ताजिया तकरीब में शामिल अकीदतमंदों ने अखाड़ा खेला। लाठियों से हैरतअंगेज करतब दिखाए। गतका पार्टियों ने तलवारबाजी के करतब दिखाकर सबको हैरान कर दिया। शहीदे करबला हजरत इमाम हुसैन की याद में मर्सिया पढ़ा गया। वक्ताओं ने लोगों से इमाम हुसैन के जीवन से प्रेरणा लेने की अपील की। उन्होंने हुसैन की तरह जुल्म का डटकर सामना करने को कहा। इस अवसर पर अंजुमन मोहर्रम तंजीम के अध्यक्ष एम यासीन मिर्जा, सचिव आबिद मिर्जा, फखरुदीन, अब्दुल वहीद मिर्जा, फरीद अंसारी, फईम अंसारी, आफताब आलम, गुलजार अहमद, अमजद मिर्जा आदि मौजूद रहे।
वहीं हरिपुर-कालसी में बलती समुदाय के लोगों ने मातमी जुलूस निकाला। जुलूस में इमाम हुसैन की सदाओं के बीच लोगों ने खुद को छुरियों और जंजीरों से लहुलूहान किया। कालसी स्थित इमामबाड़ा से शुरू हुआ जुलूस कत्लगाह (करबला) तक गए। मजलिस में मोलाना सैयद मोहम्मद बाकिर, मुखतार अली, एमएच खान, जीएम खान, मेहंदी अली, संजय खान, मुराद अली, बुशारत अली आदि मौजूद रहे। अंबाड़ी में अंजुमने हैदरी बल्ती की ओर से जुलूस निकाला। जिसमें या हुसैन की सदाओं के बीच बल्ती शिया समुदाय के लोगों ने ने सीनाजनी की। मौलाना सैयद कमला हसन रिजवी ने कहा कि इमाम हुसैन साहब ने हमेशा लोगों को इंसानीयत और हक पर चलने की सीख दी। इस अवसर पर फिरोजन खान, पून खान, फिदा हुसैन, मीसम, जमीर, सिकंदर आदि मौजूद रहे।