माय सिटी रिपोर्टर देहरादून हरेला पर्व के दौरान इस बार राजधानी दून से लेकर गांव तक चार लाख से अधिक पेड़ पौधे लगाए जाएंगे। वन विभाग के साथ ही सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को हरेला पर्व के दौरान होने वाले वृक्षारोपण कार्यक्रम को लेकर विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है । इतना ही नहीं इस साल हरेला पर्व के दौरान नदियों के साथ ही नालों के किनारे भी सघन वृक्षारोपण कराया जाएगा। जिसमें राजधानी दून के नालों के साथ ही ऋषिकेश , विकासनगर, डोईवाला समेत सभी बड़े कस्बों व गांवों के पास बहने वाले नाले शामिल होंगे। प्रभागीय वन अधिकारी राजीव धीमान ने बताया कि हरेला पर्व को लेकर अभी से ही तैयारियां तेज कर दी गई हैं। पर्व के दौरान पेड़ पौधे की कमी ना हो इसके लिए राजधानी के अलावा पूरे जिले में संचालित नर्सरियों में पेड़ पौधों की पर्याप्त व्यवस्था करने के आदेश जारी किए गए हैं। वन विभाग की ओर से शहर से लेकर देहात तक वृक्षारोपण कार्यक्रम चलाया जाएगा। इतना ही नहीं ग्राम पंचायतों को हराभरा किया जा सके इसके लिए वन विभाग के साथ ही मनरेगा के तहत भी वृक्षारोपण की तैयारी है। प्रभागीय वनाधिकारी धीमान ने बताया कि इस साल हरेला पर्व के दौरान राजधानी के बड़े नालों के साथ ही अन्य कस्बों या गांव के आसपास रहने वाले नालों के किनारे सघन वृक्षारोपण कराया जाएगा ताकि पर्यावरण को और अधिक साफ सुथरा बनाया जा सके। बकौल प्रभागीय वनाधिकारी विमान वृक्षारोपण के बाद पेड़ पौधों की देखभाल की जा सके इसके लिए गांव स्तर पर समितियों का गठन कर उन्हें जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इतना ही नहीं हरेला पर्व के दौरान देहरादून वन प्रभाग की उन जंगलों में भी पेड़ पौधे लगाने की तैयारी है जो विभिन्न कारणों से बंजर के रूप में तब्दील हो चुके हैं। इन जंगलों को हराभरा किया जा सके इसके लिए बारिश शुरू होने के साथ ही विभिन्न प्रजातियों के पेड़ों के बीजों का छिड़काव भी किया जाएगा। ताकि वह आगे चलकर पेड़ पौधे के रूप में विकसित हो सके।