इस दौरान कुछ छात्र थककर बैठ गए। उसके बाद पीछे से आए छात्रों ने उन्हें उठाया और आगे की तरफ ले गए। इसी बीच मौके पर वार्डन कर्नल आरएस सिद्धू (सेवानिवृत्त) जर्मन शैफर्ड कुत्तों के साथ पहुंचे और छात्रों को डांटने लग गए।
कुछ देर बाद लगभग 12 छात्र एक जगह थककर बैठ गए। इस पर वार्डन सिद्धू भड़क गए और छात्रों के पीछे कुत्ते दौड़ा दिए। इस पर भी जब कुछ छात्र बैठ गए तो उन्होंने छात्रों को चाबुक से पीटना शुरू कर दिया। छात्र चिल्लाते हुए वहां से भाग निकले। इस पर कुछ छात्रों ने शोर मचा दिया। इस पर मौके पर भीड़ एकत्रित हो गई।
मामले को दबाने के लिए तत्काल स्कूल बस बुलाई गई और छात्रों को स्कूल ले जाया गया। वहां उन पर डांटा कर यह दबाव बनाया गया कि कोई इस घटना को बाहर नहीं बताएगा। थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने के आरोप और किशोर बाल अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
इसके साथ ही पुलिस ने रविवार शाम को सिद्धू के बयान भी दर्ज कर लिए हैं। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकार किया है। इधर, स्कूल के चेयरमैन डीएस मान ने बताया कि आरोपी वार्डन कर्नल आरएस सिद्धू को तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया गया है।
मामले में रविवार को बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने भी स्कूल पहुंचकर छात्रों और उनके परिजनों से बातचीत की। नेगी ने बताया कि छात्रों ने वार्डन कर्नल आरएस सिद्धू पर लगाए आरोपों को दोहराया है।
घटना के बाद से कई छात्र सहमे हुए हैं। इसके साथ ही वार्डन ने भी अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को कबूल किया है। नेगी ने बताया कि आयोग भी अपने स्तर से स्कूल प्रबंधन और वार्डन के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करेगा।