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तेज रफ्तार डंपर ने स्कूल जा रही छात्रा को कुचला, शव सड़क पर रखकर बवाल करती भीड़ को पुलिस ने खदेड़ा

Thu, 11 Jul 2019 08:36 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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देहरादून में बवाल - फोटो : अमर उजाला
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प्रतिबंधित समय के दौरान शिमला बाईपास पर फर्राटा भर रहे खनन सामग्री से लदे एक डंपर ने स्कूल जा रही 11वीं की छात्रा को कुचल दिया। छात्रा की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक डंपर लेकर फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने कुछ ही दूरी पर उसे पकड़ लिया। लेकिन, गुस्साए लोगों ने उसे पुलिस की कार से बाहर खींच लिया और उसकी जमकर पिटाई की।

 

इसके बाद लोगों ने छात्रा के शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस की मिलीभगत से ही नो एंट्री में डंपर घुस रहे हैं, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं। लगभग छह घंटे के जाम के बाद मौके पर जिलाधिकारी और एसएसपी पहुंचे। उनकी ओर से कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद लोग धरने से उठने को तैयार हुए।

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गणेशपुर निवासी ताजबर सिंह बिष्ट की बेटी मानसी बिष्ट (15) बड़ोवाला स्थित न्यू ऐरा एकेडमी में 11वीं कक्षा की छात्रा थी। बृहस्पतिवार को डेढ़ माह की छुट्टी के बाद मानसी का स्कूल खुला था। वह सुबह करीब 7.10 बजे अपने पड़ोस में रहने वाले मुंहबोले चाचा के साथ स्कूटर पर स्कूल के लिए निकली थी। करीब 7.20 बजे मानसी बड़ोवाला आसन पुल के पास स्कूल मार्ग के सामने स्कूटर से उतरी तो पीछे से आए तेज रफ्तार डंपर ने उसे कुचल दिया, जिससे मानसी की मौके पर ही मृत्यु हो गई।

जबकि, सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक शिमला बाईपास पर डंपरों के लिए नो एंट्री है। हादसे में मानसी के चाचा को भी हल्की चोट आईं। उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे के बाद चालक डंपर लेकर भाग निकला। इस पर स्थानीय लोगों ने उसका पीछा किया। सूचना मिलते ही पुलिस भी सक्रिय हो गई। 

कुछ देर बाद ही पुलिस ने डंपर को घटनास्थल से तीन किलोमीटर आगे पकड़ लिया। उसका पीछा करते हुए लोग भी वहां पहुंच गए और उन्होंने पुलिस हिरासत से खींचकर डंपर चालक को धुन डाला। चालक को भीड़ के चंगुल से निकलाने के लिए पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। इधर, मानसी की मौत से गुस्साए लोगों ने उसका शव शिमला बाईपास पर रखकर हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान लोगों ने पुलिस पर डंपर मालिकों और चालकों से मिलीभगत का आरोप लगाया। लोगों के अनुसार सुबह 5 से रात 11 बजे तक शिमला बाईपास पर डंपरों के प्रवेश पर रोक है। उन्होंने बाईपास पर पूर्ण रूप से इन वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। 

मौके पर विधायक सहसपुर सहदेव सिंह पुंडीर व प्रशासन के अधिकारी भी पहुंच गए। हालांकि, इनके समझाने पर भी लोग नहीं माने और मौके पर जिलाधिकारी और एसएसपी को बुलाने की मांग पर अड़ गए। करीब 12.30 बजे जिलाधिकारी सी रविशंकर और एसएसपी निवेदिता कुकरेती मौके पर पहुंचे और उन्होंने आरोपियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही डंपरों के लिए समय निर्धारित करने और अन्य एहतियात बरते जाने के भी निर्देश मातहतों को दिए। 
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परिजनों ने नहीं कराया शव का पोस्टमार्टम 
मानसी के पिता ताजबर सिंह बिष्ट दिल्ली में एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। उन्होंने मानसी के शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। प्रभारी निरीक्षक पटेलनगर सूर्यभूषण सिंह नेगी ने बताया कि परिजनों ने पोस्टमार्टम न कराने के लिए जिलाधिकारी से अनुमति ले ली है। अभी तक उनकी तरफ से कोई तहरीर नहीं दी गई है। 

जाम खुलवाने के लिए लोगों को पुलिस ने खदेड़ा 
करीब 12.30 बजे जिलाधिकारी और एसएसपी से वार्ता के बाद स्थानीय लोगों ने जाम खोलने का निर्णय लिया था। लेकिन, कुछ लोगों ने वहां पर खड़े एक ट्रक में तोड़फोड़ शुरू कर दी। इस पर पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ युवक नहीं माने और वहीं धरने पर बैठ गए। इस पर पुलिस ने लाठियां फटकार कर उन्हें वहां से खदेड़ा। इस बीच कुछ लोगों पर बल प्रयोग भी करना पड़ा। 

दूसरे डंपर पर किया पथराव 
हादसे के बाद लोग इतने गुस्साए थे कि उन्होंने हर आने जाने वाले डंपर को  रोककर तोड़फोड़ करने का प्रयास किया। इस बीच एक डंपर चालक वहां डंपर छोड़कर भाग खड़ा हुआ। इसके बाद लोगों ने डंपर पर पथराव कर उसमें तोड़फोड़ शुरू कर दी। कुछ लोग वहां डंपरों को आग लगाने की बात भी कहने लगे तो कुछ लोगों ने उन्हें समझाकर शांत किया।
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