Due to the heavy earning of the public looted in the structure
नगर निगम ने फ्लैट बनाने के नाम पर ढांचा खड़ा करने में जनता की गाढ़ी कमाई से जुटाई गई रकम लुटा दी। काठ बंगला में साढ़े छह करोड़ रुपये से बने 148 फ्लैट खंडहर में तब्दील हो गए हैं। चार स्थानों पर बने निगम के कॉम्प्लेक्स में 34 दुकानें और 12 गोदाम खाली पड़े हैं। जबकि अजबपुर और राजपुर रोड स्थित साईं मंदिर के पास बनी 12 दुकानों का भी आवंटन अभी तक नहीं हो सका है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर क्यों लोग नगर निगम के कॉम्प्लेक्स में दुकानें और गोदाम नहीं ले रहे हैं? वजह साफ निगम के कॉम्प्लेक्स उस हिसाब से नहीं बने हैं, जिस तरह से होने चाहिए।
काठ बंगला में खर्च किए साढ़े छह करोड़ रुपये
नगर निगम ने काठ बंगला में मलिन बस्ती में रहने वाले लोगों के लिए 148 फ्लैट बनाने के नाम पर साढ़े चार करोड़ रुपये खर्च कर दिए। जेएनएनयूआरएम के तहत करीब 10 साल पहले शुरू किया गया निर्माण कार्य बीते चार वर्षों से बंद है। निगम के अधिकारियों के मुताबिक कार्य न होने की वजह जमीन का विवाद है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या निर्माण करने से पहले निगम प्रशासन ने इसकी जांच नहीं कराई थी? अगर निगम के अधिकारी कार्य को गंभीरता से लेते तो आज इन फ्लैटों के आसपास झाड़ियां न उगी होती।
न दुकानें उठ रहीं न गोदाम
नगर निगम ने कचहरी रोड, रेसकोर्स, कांवली रोड, मालवीय रोड में बने कॉम्प्लेक्स की स्थिति खराब है। आलम यह है कि न तो दुकानें किराए पर उठ रही हैं और न ही गोदाम। इसकी वजह यहां व्यवस्थाओं का खराब होना है। यहां सुरक्षा के लिए कोई भी गार्ड तैनात नहीं है। सफाई व्यवस्था भी ठीक नहीं है। जिसकी वजह से लोग नगर निगम की दुकानें नहीं ले रहे हैं।
स्थान दुकान शेष
कचहरी रोड 49 3
रेसकोर्स 12 5
कांवली रोड 30 18
मालवीय रोड 10 दुकान 8
12 गोदाम 12
अजबपुर 8 8
राजपुर रोड साईं मंदिर 4 4
कोट:
काठ बंगला में बने 148 फ्लैट को लेकर उत्तर प्रदेश निर्माण निगम के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी जाएगी। वहीं, नगर निगम के कॉम्प्लेक्स में जितनी भी दुकानें खाली हैं, उन्हें जल्द आवंटित किया जाएगा।
- विनय शंकर पांडेय, नगर आयुक्त