दाखिल खारिज न होने से ईस्ट होप टाउन गांव के आठ प्रभावित परिवारों को मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। लोगों का कहना है कि उनके पास रजिस्ट्री है, लेकिन दाखिल खारिज पर रोक लगी है। इस कारण वे मुआवजा से वंचित हैं।
दून-पांवटा एक्सप्रेस हाईवे का निर्माण ईस्ट होप टाउन के खसरा नंबर 870 के खाता नंबर 2250, 1986, 2301 के बीचोबीच से होकर किया जा रहा है। हाईवे के निर्माण के लिए सरकार ने लोगों की भूमि को अधिग्रहित किया है। प्रभावित मनोज अग्रवाल का कहना है कि वर्ष 2019 में उन्होंने प्लाट खरीदा था, जैसे-तैसे उस पर मकान बनाया। हाईवे निर्माण के चलते उनका मकान तोड़ दिया गया। आजतक इसका मुआवजा उन्हें नहीं मिला है। जमीन के लिए विवाद चल रहा है। दाखिल खारिज भी नहीं हुआ है। वे मंत्रियों से लेकर डीएम कार्यालय के चक्कर काटकर थक चुके हैं।
एसडीएम विनोद कुमार ने कहा कि तहसीलदार को जांच के आदेश दिए हैं। तहसीलदार सुरेंद्र सिंह का कहना है कि दो-तीन साल से इस ईस्ट होप टाउन का बंदोबस्त चल रहा था। इस कारण से दाखिल खारिज नहीं हो पा रहे थे। अब दाखिल खारिज हो रहे हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में मनोज कुमार, उषा देवी, आभा सिंह, अनूप चौहान, संदीप सिंह चौहान, वेदो देवी, रिशु शर्मा, इंदु रावत आदि शामिल रहे।