अखोड़ी गांव की गर्भवती उदीना देवी को समय पर अस्पताल पहुंचाया जाता, तो शायद उसकी जान बच सकती थी। 108 सेवा को भी 40 किमी दूर से गांव पहुंचने में समय लग गया। ऐसे में परिजनों के सामने ही महिला और उसकी बच्ची ने दम तोड़ दिया, लेकिन वे कुछ नहीं कर पाए।
टिहरी के भिलंगना ब्लॉक में ग्यारहगांव पट्टी के ग्राम अखोड़ी की उदीना देवी (30) पत्नी राकेश सिंह को मंगलवार सुबह प्रसव वेदना हुई। गांव के अस्पताल में डाक्टर नहीं होने पर परिजनों ने 108 सेवा को फोन किया। 40 किमी दूर पिलखी से जब तक सेवा अखोड़ी पहुंचती, महिला ने बच्ची को जन्म दे दिया। जिसकी कुछ देर बाद ही मौत हो गई।
इस दौरान प्रसूता की तबियत बिगड़ने लगी। आसपास प्राथमिक उपचार की व्यवस्था नहीं होने से लाचार परिजन कुछ नहीं कर पाए। जब तक 108 सेवा गांव पहुंच पाती, तब तक महिला ने दम तोड़ दिया। उदीना अपने पीछे एक सात साल की बेटी और पांच साल का बेटा छोड़ गई है।