टिहरी के प्रतापनगर की लचर स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में एक नवजात शिशु दुनिया में आने से पहले ही अपनों से बिछुड़ गया। गर्भवती महिला ने अस्पताल के बाहर बच्चे को जन्म दिया, लेकिन जन्म के आधे घंटे बाद ही नवजात ने दम तोड़ दिया।
रैका पट्टी के पडिया गांव निवासी राजेश सिंह की पत्नी उमा (29) को प्रसव पीढ़ा हुई। परिजन उसे शनिवार को अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लंबगांव लाए। अपराह्न करीब तीन बजे जब वे अस्पताल पहुंचे, तो अस्पताल बंद था। इसी दौरान गर्भवती महिला को तेज प्रसव पीड़ा हुई और गर्भवती के साथ आई राजी देवी, भगवानी देवी, रोशनी देवी ने साहस जुटाकर किसी तरह उमा का प्रसव कराया, लेकिन आधे घंटे बाद ही नवजात ने दम तोड़ दिया।
महिला के भाई विक्रम सिंह, महेंद्र सिंह ने बताया कि अस्पताल के सूचना बोर्ड पर किसी भी डाक्टर व स्टाप का मोबाइल नंबर अंकित नहीं होने के कारण वे किसी से संपर्क नहीं कर पाए। आसपास पता करने पर कुछ लोगों ने बताया कि नर्स दो किमी दूर रहती है, वे वहां भी गए। लेकिन नर्स नहीं मिली।
अस्पताल में अपराह्न 2.30 बजे छुट्टी का समय है। परिजन महिला को लेकर छुट्टी के बाद पहुंचे। घर से चलते समय उन्हें स्टाप नर्स या एएनएम को टेलीफोन पर सूचना देनी चाहिए थी। अस्पताल में तैनात स्टाप से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
- डा. अजय कुमार, डिप्टी सीएमओ टिहरी
फार्मेसिस्ट के भरोसे चल रहा अस्पताल
अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लंबगांव एक फार्मेसिस्ट के भरोसे चल रहा है। पिछले चार माह से यहां चिकित्सक का पद रिक्त चल रहा है। इसके अलावा एक-एक स्टाप नर्स और एएनएम तैनात है। लेकिन चिकित्सक की तैनाती नहीं होने से क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।