ट्रेनों में भीड़ और टिकट नहीं मिलने के कारण परिवहन निगम व प्राइवेट बसों में यात्रियों की भीड़ रही। डग्गामार बस संचालकों ने इसका पूरा लाभ उठाया। आईएसबीटी के सामने से ही डग्गामार बसों का संचालन किया गया। परिवहन विभाग व पुलिस भी डग्गामारों केे ऊपर कोई रोक नहीं लगा पाए।
दोपहर के दो बज रहे हैं, आईएसबीटी पर अलग-अलग प्लेटफार्मों के सामने बसें खड़ी हैं। यात्रियों की संख्या सामान्य है। दिल्ली व अन्य रूटों पर जाने के लिए बसें पर्याप्त संख्या में हैं। सबसे अधिक मारामारी लखनऊ, कानपुर व उप्र के अन्य रूटों पर जाने के लिए रही। आईएसबीटी पर लखनऊ, कानपुर व बरेली आदि के लिए यात्री बसों की तलाश में भटकते रहे। उधर आईएसबीटी के बाहर ही गली में निजी बस जिसका नंबर लखीमपुर का था, इन रूटों के लिए सवारी बिठाती रही। इसमें भी यात्री मनमाना किराया देकर सीट पाने की जुगत में दिखे।
यह हाल तब था जब कि आइएसबीटी फ्लाइओवर के नीचे और आसपास से उत्तर प्रदेश के लिए चलने वाली निजी बसों के संचालन पर रोक का शासनादेश जारी है। डग्गामार वाहन के खिलाफ जिलाधिकारी व एसएसपी को टास्क फोर्स बनाकर कार्रवाई के आदेश पहले से दिए जा चुके हैं। उधर रिस्पना पुल से ऋषिकेश, कोटद्वार व हरिद्वार समेत श्रीनगर, पौड़ी आदि के लिए टैक्सी-मैक्सी वाहनों का अवैध संचालन होता रहा। मसूरी बस अड्डे से नौगांव, टिहरी समेत उत्तरकाशी व बड़कोट आदि के लिए टैक्सी-मैक्सी वाहन संचालित हुए। हरिद्वार बाइपास से रात में लखनऊ, दिल्ली, बरेली, जयपुर, कानपुर, मुरादाबाद, लखीमपुर के लिए अवैध स्लीपर व एसी कोच बसों का संचालन किया गया।