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Iदून अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में सिर्फ एक ही चिकित्सक है, ऐसे में तीन दिनों तक ओपीडी और तीन दिनों तक आईपीडी प्रभावित हो रही है। इससे मरीजों को खासी दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है।I
Iदून अस्पताल राजधानी के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक है। यहां पर हर रोज 1500 से दो हजार मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। चिकित्सकों पर दोहरी जिम्मेदारियों के चलते मरीजों को परेशानियां का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में सिर्फ एक ही चिकित्सक होने की वजह से मरीजों को उपचार नहीं मिल पा रहा है। चूंकि, कार्डियोलॉजिस्ट को तीन दिन ओपीडी और शेष तीन दिनों तक आईपीडी में मरीजों को देखना पड़ता है। इसकी वजह से कार्डियोलॉजी विभाग की ओपीडी तीन दिनों तक खाली रहती है। ऐसे में कई मरीजों को वापस लौटना पड़ता है।
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Iइसमें सबसे अधिक परेशानी दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को होती है। कई बार मरीज घंटों तक पर्चे की लाइन में लगे रहते हैं, जब उनकी बारी आती है, तो पता चलता है कि आज चिकित्सक ओपीडी में नहीं हैं। जानकारी के मुताबिक कार्डियोलॉजी विभाग की ओपीडी में हर रोज 40 से भी अधिक मरीज आते हैं। वहीं, तीन दिनों तक ओपीडी खाली रहने से मरीजों की परेशानी बढ़ती है।I
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अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में पूर्व में दो चिकित्सक थे। एक चिकित्सक के जाने के बाद अभी सिर्फ एक ही चिकित्सक शेष रह गए हैं। चिकित्सक के भर्ती किए जाने के प्रक्रिया चल रही है। संभवत: कुछ ही दिनों में चिकित्सक की तैनाती की जाएगी।
- डॉ. आरएस बिष्ट, चिकित्सा अधीक्षक, दून अस्पतालI