सीओ ने सवाल किए तो युवक ने तपाक से जवाब दिया कि साहब घर में पूजा है, इसलिए भांग की जरूरत थी। इस सीओ ने पूछा कि भांग किस पूजा में इस्तेमाल होती है? अभिभावकाें से बात कराने को कहा तो युवक का चेहरा पीला पड़ गया। गिरगिट की तरह रंग बदलते हुए युवक ने अपने मामा के लिए भांग खरीदने की बात कही।
सीओ सख्त हुए तो युवक ने सामने बैठे शख्स से भाग की पुड़िया खरीदना स्वीकार लिया। उस शख्स की तलाशी ली गई तो कई पुड़िया मिल गईं। इस शख्स ने भी पुलिस को गुमराह करने को नई कहानी सुना दी। आरोपी का कहना था कि सुबह एक साधु उनके पास आए थे, जो आशीर्वाद के रूप में यह पुड़िया उन्हें सौंप गए थे। चबूतरे पर बैठे दो अन्य लोगों से सवाल किए तो उन्होंने धूप सेंकने की बात कही।
संदिग्ध मानकर पुलिसकर्मियाें ने दो अन्य की तलाशी ली तो उनके पास से भी भांग की पुड़िया मिल गई। भांग बेचने के आरोप में फंसे इन लोगों को पुलिस ले जाने लगी तो उन्हाेंने वहां मौजूद दिव्यांग की भी पोल खोल दी। पुलिस ने दिव्यांग की पोटली टटोली तो उससे भी पुड़िया मिल गई। पुलिस इन सबको शहर कोतवाली ले गई। सीओ सिटी शेखर सुयाल का कहना है कि अभी इनसे पूछताछ की जा रही है कि ये भांग की पुड़िया कहां से लाते थे, ताकि इनके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके।