फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड: नशाखोरी को लेकर जेल में बंद कैदी की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल ले जाते वक्त हुई मौत

Mon, 30 Sep 2019 08:47 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काशीपुर(उधमसिंह नगर)
विज्ञापन
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन

हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल से इलाज के लिए ऋषिकेश एम्स ले जाते समय एक विचाराधीन बंदी अब्दुल करीम उर्फ कल्लन की न्यायिक अभिरक्षा में मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव हल्द्वानी जेल के आरक्षी को सौंप दिया गया है जहां उसके शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

विज्ञापन


न्यायिक अभिरक्षा में विचाराधीन बंदी की मौत की सूचना जिला प्रशासन को दी गई है। इस मामले की मजिस्ट्रेटी जांच कराई जाएगी। परिजनों ने जेल प्रशासन पर कल्लन के इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।

कुंडा थाना पुलिस ने 19 अगस्त को 10 ग्राम स्मैक के साथ ग्राम सरवरखेड़ा निवासी अब्दुल करीम उर्फ कल्लन को गिरफ्तार किया था। हल्द्वानी जेल में एक सप्ताह रहने के बाद अब्दुल करीम की हालत बिगड़ गई। वह टीबी रोग से ग्रसित था। 20 दिन पूर्व उसे हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
विज्ञापन


इस दौरान अस्पताल में उसकी सास खैरुन्निशां, बहन मेहरून जहां व जीजा कालागढ़ निवासी नासिर भी साथ रहे। हालत बिगड़ने पर शनिवार को जेल प्रशासन ने उसे ऋषिकेश एम्स के लिए रेफर किए जाने की अनुमति दी। शनिवार रात करीब 8:45 बजे दो आरक्षी बसंत पांडे और आनंद कुमार निजी एंबुलेंस से कल्लन को लेकर एम्स के लिए रवाना हुए। साथ में बंदी के परिजन भी थे। काशीपुर से वह ठाकुरद्वारा होते हुए धामपुर की ओर जा रहे थे कि रास्ते में कल्लन की मौत हो गई। 

आरक्षियों ने काशीपुर पहुंचकर मामले की सूचना कोतवाली पुलिस को दी। सूचना पर पहुंचे तहसीलदार विपिन चंद्र पंत ने पंचनामा भरा। पोस्टमार्टम के बाद शव हल्द्वानी जेल से आए कांस्टेबल कोमल बिष्ट की सुपुर्दगी में दे दिया और उन्होंने शव परिजनों को सौंप दिया। पोस्टमार्टम कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कल्लन की मौत के कारणों की पुष्टि नहीं हो पाई। मृतक का विसरा परीक्षण के लिए सुरक्षित रखा गया है। 

विज्ञापन

परिजनों ने लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की मांग की 

कल्लन के परिजनों ने जेल प्रशासन पर उसके इलाज लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले में जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कल्लन के जीजा कालागढ़ निवासी नासिर का कहना है कि जेल प्रशासन के एसटीएच में भर्ती कराए जाने के कुछ दिन बाद ही कल्लन की हालत बिगड़ने लगी थी। एसटीएच प्रशासन ने एक सप्ताह पहले रोगी को रेफर करने के लिए जेल अधीक्षक को पत्र लिखकर अनुमति मांगी थी लेकिन तब अनुमति नहीं दी गई।

कल्लन की स्थिति बेहद नाजुक होने पर शनिवार को उसे एम्स रेफर करने की अनुमति दी गई। इस पर एसटीएच के डॉक्टर ने उसे रेफर किया तो जेल प्रशासन की ओर से एंबुलेंस और डॉक्टर की व्यवस्था नहीं की गई। परिजनों को उसे एम्स ले जाने के लिए अपने खर्च पर निजी एंबुलेंस बुक करनी पड़ी। परिजनों का आरोप है कि समय से सही इलाज न मिल पाने के कारण कल्लन की मौत हुई है। मृतक के परिजनों ने इस मामले में मजिस्ट्रेटी जांच कराकर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। 

जमानती दस्तावेज अपूर्ण होने से जारी नही हो सका रिहाई आदेश 
एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार किए गए आरोपी सरवरखेड़ा निवासी अब्दुल करीम उर्फ कल्लन की जमानत चार दिन पूर्व ही स्वीकार हुई थी, लेकिन जमानती तस्दीक नहीं होने के कारण उसका रिहाई आदेश जारी नहीं हो सका था। अवर न्यायालय से जमानत प्रार्थना पत्र खारिज होने के बाद जिला एवं सत्र न्यायालय में उसकी जमानत के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। सरवरखेड़ा निवासी मो. अलीम और बाबरखेड़ा निवासी चंदन सिंह ने आरोपी की जमानत ली। अदालत ने दोनों जमानतियों के संपत्ति संबंधी दस्तावेज तस्दीक करने के लिए भेजे। शनिवार को आरोपी के अधिवक्ता ने बंध पत्र प्रस्तुत किए लेकिन एक जमानती की तस्दीक रिपोर्ट सही न होने के कारण कोर्ट से उसके रिहाई आदेश जारी नहीं हो सके। 

कुंडा थाने में कल्लन पर दर्ज हैं तीन मुकदमे 
कुंडा थाने में अब्दुल करीम उर्फ कल्लन के खिलाफ कुंडा थाने में एनडीपीएस एक्ट के दो और आर्म्स एक्ट का एक अभियोग दर्ज है। कुंडा थाना प्रभारी राजेश यादव ने बताया कि अब्दुल करीम के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 181/17 धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट, 38/19 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट व 115/19 धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट के मुकदमे दर्ज है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें