कल्लन के परिजनों ने जेल प्रशासन पर उसके इलाज लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले में जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कल्लन के जीजा कालागढ़ निवासी नासिर का कहना है कि जेल प्रशासन के एसटीएच में भर्ती कराए जाने के कुछ दिन बाद ही कल्लन की हालत बिगड़ने लगी थी। एसटीएच प्रशासन ने एक सप्ताह पहले रोगी को रेफर करने के लिए जेल अधीक्षक को पत्र लिखकर अनुमति मांगी थी लेकिन तब अनुमति नहीं दी गई।
कल्लन की स्थिति बेहद नाजुक होने पर शनिवार को उसे एम्स रेफर करने की अनुमति दी गई। इस पर एसटीएच के डॉक्टर ने उसे रेफर किया तो जेल प्रशासन की ओर से एंबुलेंस और डॉक्टर की व्यवस्था नहीं की गई। परिजनों को उसे एम्स ले जाने के लिए अपने खर्च पर निजी एंबुलेंस बुक करनी पड़ी। परिजनों का आरोप है कि समय से सही इलाज न मिल पाने के कारण कल्लन की मौत हुई है। मृतक के परिजनों ने इस मामले में मजिस्ट्रेटी जांच कराकर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
जमानती दस्तावेज अपूर्ण होने से जारी नही हो सका रिहाई आदेश
एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार किए गए आरोपी सरवरखेड़ा निवासी अब्दुल करीम उर्फ कल्लन की जमानत चार दिन पूर्व ही स्वीकार हुई थी, लेकिन जमानती तस्दीक नहीं होने के कारण उसका रिहाई आदेश जारी नहीं हो सका था। अवर न्यायालय से जमानत प्रार्थना पत्र खारिज होने के बाद जिला एवं सत्र न्यायालय में उसकी जमानत के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। सरवरखेड़ा निवासी मो. अलीम और बाबरखेड़ा निवासी चंदन सिंह ने आरोपी की जमानत ली। अदालत ने दोनों जमानतियों के संपत्ति संबंधी दस्तावेज तस्दीक करने के लिए भेजे। शनिवार को आरोपी के अधिवक्ता ने बंध पत्र प्रस्तुत किए लेकिन एक जमानती की तस्दीक रिपोर्ट सही न होने के कारण कोर्ट से उसके रिहाई आदेश जारी नहीं हो सके।
कुंडा थाने में कल्लन पर दर्ज हैं तीन मुकदमे
कुंडा थाने में अब्दुल करीम उर्फ कल्लन के खिलाफ कुंडा थाने में एनडीपीएस एक्ट के दो और आर्म्स एक्ट का एक अभियोग दर्ज है। कुंडा थाना प्रभारी राजेश यादव ने बताया कि अब्दुल करीम के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 181/17 धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट, 38/19 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट व 115/19 धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट के मुकदमे दर्ज है।