आबादी क्षेत्र में आने वाले जंगली हाथियों पर अब ड्रोन से नजर रखी जाएगी। वन विभाग कुमाऊं से ड्रोन मंगाने की तैयारी कर रहा है।
राजधानी में जंगल से लगे ग्रामीण क्षेत्रों में हाथियों के चलते ग्रामीणों की दहशत कम करने के लिए वन विभाग अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहा है। खासकर दून के बालावाला, मियावाला, लाडपुर और दूधली क्षेत्र में हाथी आबादी क्षेत्र में आकर फसलों को खराब कर रहे हैं।
रायपुर के लाडपुर और डोईवाला ब्लॉक में अब तक गन्ने और धान की कई बीघा फसल बर्बाद हो चुकी है। दिन ढलते ही हाथियों के आबादी में आने से ग्रामीणों को जान-माल का खतरा बना हुआ है। ग्रामीण रात में जागकर फसलों की रक्षा कर रहे हैं।
बालावाला की चंपा बोरा ने बताया कि हाथी उनकी क्यारी खराब कर चुके हैं। गांव में बीते दिनों कुछ लोगों की बाउंड्रीवाल तोड़ दिए। वहीं, मोथरोवाला, दौड़वाला, खट्टापानी, फांदोवाला, दूधली, नागल ज्वालापुर, नागल बुलंदावाला, बुल्लावाला, सत्तीवाला, मियावाला, नकरौंदा, रायपुर लाडपुर के ग्रामीणों में दहशत है।
ग्रामीणों की शिकायत के बाद अब आबादी में आने वाले हाथियों और अन्य वन्य जीवों पर नजर रखने के लिए विभाग प्रयास कर रहा है। डीएफओ, देहरादून प्रसन्न कुमार पात्रो ने कहा कि हाथियों और अन्य वन्य जीवों पर नजर के लिए कुमाऊं से ड्रोन मंगाए जाएंगे।
वन्य जीव संस्थान और वन विभाग के अधिकारी अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं। डीएफओ ने कहा कि इस संबंध में मुख्य सचिव स्तर पर विभाग की बैठक हो चुकी है। मानव और वन्य जीव संघर्ष कम करने के लिए खेती के पैटर्न में बदलाव पर भी विचार किया जा रहा है।