इससे प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने फेस्टिवल का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने भारत की ओर से की गई एयर स्ट्राइक पर कहा कि पहले जब बैठते थे तो पेट का बटन खुलता था अब बैठते हैं तो सीने का खुलता है। इसमें 21 राज्यों के प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम स्थल पर 19 स्टाल लगाए गए हैं।आईटीडीए के निदेशक अमित सिन्हा ने कहा विभिन्न क्षेत्रों में ड्रोन की उपयोगिता है, इसका लगातार इस्तेमाल बढ़ रहा है। अगर वर्ष 2013 की आपदा के वक्त ड्रोन का इस्तेमाल होता तो हम और बेहतर ढंग से बचाव एवं राहत कार्य कर पाते। इसके साथ ही द्रोणनगरी को ड्रोननगरी बनाने की बात कही।
उनका कहना है कि प्रदेश को ड्रोन के निर्माण एवं अनुसंधान का हब बनाना है। डीजी कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने कहा कि आपदा राहत, भीड़ प्रबंधन से ट्रैफिक कंट्रोल तक में ड्रोन उपयोगी है। वर्ष 2021 में हरिद्वार में होने जा रहे कुंभ में यह खासा मददगार बन सकता है। इसके अलावा इसे आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस से जोड़कर कई ज्यादा उपयोगी बना सकते हैं। सचिव आईटी आरके सुधांशु ने कहा कि आपदा के लिहाज से उत्तराखंड बेहद संवेदनशील है। प्रदेश की विषम भौगोलिक परिस्थितियां भी कई स्तर पर चुनौतियां पेश करती हैं। ऐसे में ड्रोन की उपयोगिता कई ज्यादा बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आईटी क्षेत्र में जो गैप रहा है उसे द्रुत गति से भरने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से प्रदेश में ड्रोन के लिये एक निर्माण इकाई स्थापित करने की मांग की। सर्वेयर जनरल ले. जनरल गिरीश कुमार ने ड्रोन फेस्टिवल की बधाई दी। कहा कि सर्वे ऑफ इंडिया पिछले करीब एक वर्ष से ड्रोन बेस्ड सेंसर का इस्तेमाल कर रहा है। हाल में सर्वे ऑफ इंडिया ने प्रयागराज कुंभ में पंद्रह दिन के भीतर 5-10 सेमी एक्यूरेसी का मैप बनाकर दिया।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि 6 मार्च को युवाओं के लिए रोजगार दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। परेड मैदान में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में आठ से 10,000 युवा शामिल होंगे। प्रदेश के सभी डिग्री कॉलेजों में यह कार्यक्रम आईटी के माध्यम से दिखाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि वह कई अन्य मंत्रियों के साथ कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। युवा उनसे सीधे संवाद कर सकेंगे।
अखिल भारतीय ड्रोन फेस्टिवल में ड्रोन की पांच अलग-अलग श्रेणियों की प्रतियोगिता होगी। जिसमें ड्रोन दौड़, इमेज एनालिसिस, धनवंतरी, ड्रोन पे लोड चैलेंज, फ्लाइंग आईज शामिल है। प्रत्येक श्रेणी की प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार एक लाख और द्वितीय पुरस्कार पचास हजार रुपये का दिया जाएगा।
यह आयोजन देशभर की ड्रोन कंपनियों को राज्य में निवेश के लिए आकर्षित करने का प्रयास है। फेस्टिवल से कंपनियों को राज्य में निवेश करने की संभावनाओं की जानकारी मिलेगी। वहीं विभागीय अधिकारियों को भी इस तकनीक की जानकारी मिलेगी।
- आरके सुधांशु, सचिव, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग