देहरादून से दिल्ली जा रही उत्तराखंड परिवहन निगम की एक अनुबंधित बस (एसी) के चालक को सवारियों ने फोन पर बात करने से टोकना नागवार गुजरा। चालक मंगलौर में बस को सड़क किनारे छोड़कर भाग गया। यात्रियों के हंगामे के बाद कंडक्टर ने दूसरे चालक की व्यवस्था की। तब कहीं जाकर बस दिल्ली के लिए रवाना हुई।
ग्रामीण डिपो की अनुबंधित बस (यूके 07 पीए 1618) मंगलवार दोपहर 12 बजे आईएसबीटी से करीब दो दर्जन यात्रियों को लेकर दिल्ली के लिए रवाना हुई। ड्राइवर जॉनी कुमार देहरादून से ही फोन पर बात करते हुए बस चला रहा था, जिसका यात्रियों ने विरोध किया। मंगलौर पहुंचने पर वह आपा खो बैठा और बस को सड़क किनारे खड़ी कर भाग गया।
यात्री डीएस तोमर, रविंद्र, अमन आदि ने बताया कि यात्रियों ने उससे बस ले चलने की लाख मिन्नतें कीं, लेकिन उसने एक न सुनीं। बाद में हंगामा बढ़ने पर कंडक्टर विनोद कुमार ने फोन पर संपर्क कर दूसरे ड्राइवर की व्यवस्था की। इससे करीब एक घंटे बाद बस दिल्ली के लिए रवाना हो सकी। यात्रियों ने निगम प्रबंधन को सूचना देकर चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पहले भी सामने आए ऐसे मामले
अनुबंधित बसों के चालकों द्वारा बस को बीच रास्ते में छोड़कर चले जाने के मामले पहले भी सामने आए हैं। बता दें कि इन बसों पर चालकों की व्यवस्था बस स्वामी ही करते हैं। ऐसी कोई घटना होने पर बस स्वामी के खिलाफ कोई कार्रवाई न होने के कारण ये मनमानी करते हैं। निगम सूत्रों की माने तो ऐसे मामलों में फीलगुड कर उन्हें रफा दफा कर दिया जाता है।
चालक के बस को बीच में छोड़कर चला जाना गंभीर है। अभी मामला जानकारी में नहीं है। एजीएम से रिपोर्ट मंगवाकर संबंधित चालक और बस स्वामी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- दीपक जैन, महाप्रबंधक संचालन, उत्तराखंड परिवहन निगम