पिता का पेशा टैक्सी ड्राईवर, कमाई इतनी नहीं कि प्राइवेट स्कूल में बेटी को पढ़ा सकें लेकिन सपना जरूर है एक दिन बेटी को कामयाब देखने का।
वह सपना रविवार को जैसे ही सीबीएसई का रिजल्ट आया तो पूरा हो गया। रिद्धी ने 12वीं में 95.4 प्रतिशत अंक हासिल कर मिसाल कायम की है।
दून निवासी टैक्सी ड्राइवर सुरेश कुमार शर्मा खुद पढ़ाई न कर पाने की वजह से निराश जरूर थे लेकिन उन्होंने अपना सपना अपनी बेटी रिद्धी में देखा। उसे अच्छी तालीम देने की ठानी लेकिन पैसा न होने से परेशानी हुई।