देश और दुनियाभर के करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र श्री बद्रीनाथ धाम सहित चारो धामों में इस बार कपाट खुलने से पहले पेयजल आपूर्ति सुचारु करना विभाग के लिए चुनौती होगी, भारी हिमपात और लाइनों के क्षतिग्रस्त होने से विभिन्न रूटों पर इससे 141 स्टैंड पोस्ट बंद हो गए हैं।
मौसम का मिजाज बदलते ही संबंधित विभाग को भी इसकी चिंता सताने लगी है। बता दें कि यात्रा के दौरान करोड़ों तीर्थ यात्री इन धामों में आते हैं, जिन्हें कई बार पेयजल समस्या का सामना करना पड़ता रहा है। चारों धामों और यात्रा मार्ग पर इस बार जमकर हिमपात हुआ है, इससे पेयजल लाइनों को काफी नुकसान हुआ है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बर्फ से लाइन न फटे इसके लिए कुछ पेयजल लाइनों को विभाग की ओर से खुद बंद कर दिया गया है। इसके बावजूद यात्रा मार्ग से लगे चमोली जिले में नौ टैंक टाइप स्टैंड पोस्ट बंद हैं। इसके अलावा रुद्रप्रयाग में आठ और उत्तरकाशी में सबसे अधिक 22 स्टैंड पोस्ट बंद पड़े हैं।
जबकि चमोली में 48 पिलर टाइप स्टैंड पोस्ट, रुद्रप्रयाग में 46 और उत्तरकाशी में आठ स्टैंड पोस्ट बंद हैं। पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, देवप्रयाग, उत्तरकाशी व ऋषिकेश पूरे यात्रा मार्ग में कुल 39 टैंक टाइप स्टैंड पोस्ट और 102 पिलर टाइप स्टैंड पोस्ट बंद हैं। वही उत्तरकाशी में सात हैंडपंप खराब पड़े हैं। वही यात्रा मार्ग की सभी 39 चरही (घोड़ों के पानी के लिए) बंद हैं।
कहा कितनी योजनाएं हैं बंद
यात्रा मार्ग पर कुल 249 टीटीएसपी में से 210 चालू और 39 बंद हैं, वही 456 पीटीएसपी में से 354 चालू और 102 बंद हैं। जबकि 847 हैंडपंपों में से 847 चालू और सात बंद हैं।
चारधाम यात्रा मार्ग में क्षतिग्रस्त योजनाओं को जल्द ठीक किया जाएगा, विभिन्न जगहों पर स्टेंड पोस्ट भी बंद हैं, कई फुट बर्फ होने से मुश्किलें तो आती ही हैं, लेकिन प्रयास किया जाएगा कि कपाट खुलने से पहले सभी योजनाएं सुचारु कर दी जाएं।
- एसके गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक