पछवादून क्षेत्र में गर्मी बढ़ने के साथ बच्चों के शरीर में पानी की कमी की शिकायत आने लगी है। उप जिला अस्पताल की बाल रोग की ओपीडी में आने वाले 10-12 बच्चे थकान, शरीर में कमजोरी, चक्कर आना, मितली या उल्टी की शिकायत बता रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ का कहना है कि बच्चों को रोजाना सुबह उठते ही एक गिलास पानी पिलाएं। निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) से बचाव के लिए दिन में दो से तीन लीटर पानी पिलाना बहुत जरूरी है।
उप जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र सिंह तोमर बताते हैं कि गर्मी में कुछ-कुछ समय अंतराल में पानी पीना बहुत जरूरी है। पानी की कमी से शरीर में थकान, कमजोरी, चक्कर आना, मिलती और उल्टी जैसे लक्षण दिखने लगते हैं। खासकर बच्चों के मामलों में अभिभावक लापरवाही बरतते हैं। अभिभावकों को सुबह उठने के साथ बच्चों को एक गिलास पानी पिलाना चाहिए। बच्चों के लिए पूरे दिन में दो से तीन लीटर पानी पीना जरूरी है।
डाॅ. नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि अभिभावक बच्चों को सामान्य पानी के साथ नींबू पानी या शरबत आदि भी पीने के लिए दे सकते हैं। अगर, शरीर में निर्जलीकरण के लक्षण दिख रहे है तो बच्चों को ओआरएस का घोल पिलाएं। अगर, ओरआएस नहीं है चीनी, नमक और पानी का घोल भी दे सकते हैं। स्वाद के लिए उसमें नींबू का रस भी मिलाया जा सकता है।