उत्तराखंड के मदरसों में ड्रेस कोड लागू किया जाएगा। मदरसा छात्र निर्धारित ड्रेस में ही पढ़ने के लिए आएंगे। इस संबंध में बुधवार को उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड की बैठक में निर्णय लिया गया है। विद्यालयी शिक्षा के छात्रों की तरह मदरसा छात्रों को भी केंद्र सरकार से ड्रेस का पैसा मिलेगा।
इसके साथ ही मदरसों की फीस स्लैब भी बढ़ेगा। मदरसा फीस स्लैब यूपी की तरह किया जाएगा। इस संबंध में बोर्ड का अमला पूरा ब्योरा तैयार कर रहा है। मदरसों में ऐच्छिक विषय के रूप में संस्कृत पढ़ाए जाने के मामले पर भी मोहर लग गई है।
प्रदेश के मदरसों में ड्रेस कोड लागू किए जाने का फैसला पहली बार लिया गया है। बोर्ड इस संबंध में जल्द ही केंद्र सरकार को छात्रों की ड्रेस के लिए बजट प्रस्ताव बनाकर भेजेगा। इसके साथ ही समितियों की बैठकों में कंप्यूटर साइंस को विषय के रूप में पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने के फैसले पर भी बोर्ड ने मोहर लगा दी है। नए शैक्षिक सत्र वर्ष 2018-19 में मदरसा छात्र कंप्यूटर साइंस पढ़ेंगे। बोर्ड की बैठक में सबसे अहम फैसला मदरसों की फीस के संबंध में किया गया है।
अब उत्तराखंड के मदरसों का फीस स्लैब उत्तर प्रदेश जैसा रहेगा। यूपी मदरसों से उत्तराखंड में फीस तुलनात्मक रूप से कम रही है। इसका ब्योरा बोर्ड तैयार कर रहा है। छात्र-छात्राओं तथा प्राइवेट और नियमित छात्रों का फीस स्लैब अलग-अलग है। इसके अलावा मदरसों की सालाना परीक्षा की पूर्व घोषित तिथि संबंधी फैसला निरस्त कर दिया गया है। बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर अखलाक अहमद ने बताया कि अब शिक्षा विभाग से इस संबंध में चर्चा करने के बाद परीक्षा की नई समय सारिणी घोषित की जाएगी।