उत्तराखंड के रुड़की में दहेज उत्पीड़न के मामले में पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर पति समेत आठ आरोपियों के खिलाफ दहेज का मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही मामले में जांच शुरू कर दी है। पीड़िता का आरोप है कि शिकायत के बाद भी पुलिस के कार्रवाई नहीं करने पर उसने कोर्ट की शरण ली थी।
रुड़की के ग्रीन पार्क कॉलोनी नवीन मंडी निवासी जमील की बेटी रेशमा ने की शादी 29 मार्च 2015 को सुभाष नगर, भजनपुरा (नई दिल्ली) निवासी अफजल उर्फ सोनू के साथ हुई थी। आरोप था कि शादी के बाद से ही ससुरालवाले दहेज कम आने पर रेशमा को प्रताड़ित करने लगे थे। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट करते थे। आरोप है कि 15 अगस्त 2018 को रेशमा अपने मायके आई थी।
वह किसी काम से अपने भाई आमिर के साथ मंगलौर गई थी। नहर की पटरी के रास्ते लौटते समय पति व ससुरालवालों मारपीट की थी। इससे आमिर को चोट आई थी। आरोप है कि पीड़िता ने मंगलौर कोतवाली पुलिस को तहरीर दी थी।
लेकिन, पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। इस पर पीड़िता ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने मामले में पुलिस को केस दर्ज करने के आदेश दिए। कोतवाली प्रभारी प्रदीप चौहान ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर आरोपी पति अफजल, ससुर नेक मोहम्मद, सास जमशीदा, देवर अखलाक, ननदोई जावेद, ननद शीबा, शहजादी और रानी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही मामले की जांच की जा रही है।