देहरादून-पुरोला रेलवे ट्रैक के लिए सर्वेक्षण का काम कराने को लेकर केंद्र तैयार हो गया है।
राज्यसभा सांसद तरुण विजय ने जानकारी दी कि सदन में केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु व रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने लिखित में उनके सवाल का जवाब दिया है।
राज्य सभा सांसद तरुण विजय ने राज्य सभा में यह सवाल किया था। लिखित उत्तर में केंद्रीय रेल मंत्री व रेल राज्यमंत्री ने देहरादून-पुरोला रेलमार्ग का सर्वेक्षण कराने की बात कही है। इस रेलमार्ग का नाम देहरादून-विकासनगर-कालसी-चकराता-पुरोला होगा।
उन्होंने बताया कि जल्द ही इस मार्ग का सर्वे का काम शुरू होगा। इस रेलमार्ग पर देहरादून से लेकर पुरोला तक कई कृषि मंडिया हैं, उत्तराखंड का यह हिस्सा बेमौसमी फल और सब्जी के लिए जाना जाता है, इसलिए इसे आर्थिक मार्ग का नाम दिया गया है।
पहले भी हुए है सर्वेक्षण के कार्य
वर्ष 2009-10 में देहरादून-विकासनगर-कालसी तक 47 किलोमीटर लंबे रेलमार्ग का सर्वे कराया गया। इसकी लागत उस समय 676.20 करोड़ रुपए थी। लेकिन इस प्रस्ताव को केंद्रीय योजना आयोग ने खारिज कर दिया था।
वर्ष 2012-13 में देहरादून-विकासनगर तक 34 किलोमीटर लंबे रेलमार्ग का सर्वे हुआ। सर्वेक्षण के दौरान इस मार्ग की लागत 628 करोड़ रुपए निकाली गई। इस सर्वे को रेल मंत्रालय के अफसरों ने यह कहकर रिजेक्ट कर दिया कि यह फायदे का सौदा नहीं है।
मुझे लगता है कि यह रेल मार्ग बनना चाहिए। इससे इस क्षेत्र का विकास होगा और यहां इस ट्रैक की जरूरत भी है। किसानों की आर्थिकी बढ़ेगी और पर्यटन के क्षेत्र का कायाकल्प करने में यह मार्ग एक उदाहरण बनेगा।
- तरुण विजय, भाजपा के राज्यसभा सांसद