अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉक्टर एनएस खत्री ने बताया कि मामले की जांच कराई गई है। मरीज अस्पताल के किसी कर्मचारी का परिचित था। दुर्घटना में चोट आने के बाद उनको अस्पताल लाया गया था।
इस दौरान त्वचा रोग विशेषज्ञ ने उन्हें फाइन नीडल एस्पिरेशन साइटोलॉजी (एफएनएसी) कराने को कहा। इस जांच के लिए सैंपल ब्लड बैंक के ऊपर वाली मंजिल पर स्थित लैब में देना होता है। यहां पहुंचने के लिए लिफ्ट या रैंप की व्यवस्था नहीं है।
इस पर तीमारदार ने मरीज को कंधे पर उठाकर लैब तक पहुंचा दिया। उन्होंने बताया कि मरीज जब अस्पताल पहुंचा था, तब गार्ड ने गेट के पास से उन्हें स्ट्रेचर ले जाने के लिए कहा था।