दिल्ली-देहरादून हाईवे पर मोहंड से ऊपर शिवालिक के पहाड़ों पर हो रही मूसलाधार बारिश के चलते शनिवार को सुबह पानी के साथ मलबा खिसक कर सड़क पर आने से दून हाईवे पर छह घंटे तक आवागमन बंद रहा, जिसमें आठ किमी तक वाहनों की कतारें लग गईं। सूचना पर पहुंची दून पुलिस ने आशारोड़ी से आगे वाहनों को जाने से रोककर हरिद्वार भेजा।
बिहारीगढ़ थाना पुलिस ने दो जेसीबी मशीनें लगाकर घंटों की मशक्कत के बाद सड़क से मलबा हटवाकर आवागमन सुचारु कराया। शनिवार को सुबह तेज बारिश होने के दौरान करीब 10 बजे डॉट मंदिर से पहले पहाड़ों से भारी मात्रा में मलबा खिसक कर सड़क पर आ गया। इससे दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन पूर्ण रूप से बंद हो गया। सड़क पर दोनों ओर आठ किमी तक वाहनों की लंबी कतारें लग गई। सूचना पर बिहारीगढ़ थाना पुलिस ने सुंदरपुर तिराहे से वाहनों को रोककर देहरादून जाने वाले वाहनों को बादशाही बाग के रास्ते डायवर्ट किया, जबकि हरिद्वार जाने वाले वाहनों को वापस छुटमलपुर की ओर भेजा।
इसके बाद पुलिस ने दो जेसीबी मशीनें लगाकर छह घंटे की मशक्कत के बाद रास्ते पर पड़े मलबे को हटवा कर वाहनों का आवागमन शुरू कराया। करीब चार बजे यातायात सुचारु हो सका। इस दौरान वाहनों में फंसे यात्रियों को काफी परेशानी हुई। शिवालिक की पहाड़ियों के बीच दून हाईवे पर किसी भी मोबाइल कंपनी का नेटवर्क नहीं मिलता है। ऐसे में जाम में फंसे लोग अपने प्रियजनों से भी संपर्क नहीं कर सके। इससे वे काफी परेशान दिखे। एसओ बिहारीगढ़ मनोज चौधरी ने बताया कि मलबा आने से दून हाईवे बाधित हो गया था। जेसीबी मशीनों की मदद से रास्ता खुलवा कर आवागमन सुचारु करा दिया गया है।
दोपहर करीब एक बजे मोहंड में भूस्खलन की सूचना मिली थी, जिससे आशारोडी में वाहनों को रोक लिया गया। लोगों को हरिद्वार से सहारनपुर, दिल्ली भेजा गया। वाहनों को रोकने से यहां वाहनों की लंबी कतारें लग गई, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। एक बजे से तीन बजे तक यातायात यहां बाधित रहा। तीन बजे के बाद मोहंड के पास मलबा साफ होने के बाद वाहनों को आगे भेजा गया।
- अक्षय कोंडे, एसपी ट्रैफिक