95 फीसदी तक इलाज संभव है।
भारत में ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में सबसे अधिक होने वाला कैंसर है। महिलाएं जागरूक होकर खुद ही इससे बचाव कर सकती हैं। शीशे में देखकर स्वयं परीक्षण करके ब्रेस्ट या बगल में गांठ का पता लगा सकती हैं। 40 साल की उम्र के बाद हर महिला को साल में एक बार मेमोग्राफी जरूर करवानी चाहिए। यह बात मैक्स अस्पताल के विशेषज्ञों ने कही।I
- 20 से 30 वर्ष की युवतियां भी हो रहीं शिकार, शुरुआती स्टेज में 95 फीसदी तक इलाज संभवI
- ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के लिए 40 साल की उम्र के बाद साल में एक बार करवाएं मेमोग्राफीI
- अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम में मैक्स अस्पताल के विशेषज्ञों ने बताए बचाव के उपाय
डॉ. अमित सकलानी ने कहा, ब्रेस्ट कैंसर पुरुषों में भी हो रहा है, हालांकि इनकी संख्या बहुत कम है। उम्र बढ़ने के साथ ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ता रहता है। अनियमित दिनचर्या, फिजिकल एक्टिविटी की कमी, पीरियड्स जल्दी आना और मीनोपॉज देर से होने पर ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। ब्रेस्ट में या बगल में कोई गांठ लगे तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं। हालांकि, हर गांठ कैंसर नहीं होती।
हर गांठ कैंसर नहीं होती
डॉ. सौरभ ने बताया कि पहले 50 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर देखने को मिलता था, लेकिन अब 20 से 30 साल की उम्र में भी देखने को मिल रहा है। इसके अलावा महिलाएं देरी से शादी कर रही हैं और 35 साल की उम्र के बाद मां बन रही हैं। ऐसे में ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। इसका इलाज खत्म होने के बाद फॉलोअप के लिए मरीजों को बुलाया जाता है।
देर से शादी, बच्चे न होने पर खतरा ज्यादा, थेरेपी से इलाज संभव
- सर्जरी के बाद शरीर में अगर कोई कैंसर के सेल्स घूम रहे हों या फैल रहे हों तो उन्हें कीमोथेरेपी से नष्ट किया जाता है।I
- रेडियोथेरेपी सर्जरी के बाद दी जाती है। इसमें अगर शरीर में सूक्ष्म सेल्स बचे होते हैं तो उन्हें नष्ट कर दिया जाता है।
- हॉर्मोनल थेरेपी भी दी जाती है, जो पांच से सात साल तक चलती है। इससे ब्रेस्ट कैंसर के वापस आने की संभावना कम हो जाती है।
-डॉ. सौरभ ने बताया कि कीमोथेरेपी के साइड इफेक्ट्स से बाल झड़ जाते हैं। हालांकि, एक से डेढ़ साल में नए बाल आ जाते हैं। इससे घबराने की जरूरत नहीं है।
-कीमोथेरेपी के साइड इफेक्ट से घबराएं नहीं
- फिजिकल एक्टिविटी की कमी होना और एक्सरसाइज न करना
- अल्कोहल और स्मोकिंग का सेवन करनाI
- 35 साल की उम्र के बाद बच्चे होना या फिर बच्चे न होने की समस्याI
- मीनोपॉज के बाद मोटापा होनाI
- पीरियड्स जल्दी आना और मीनोपॉज देरी से होना
लक्षण
- पानी आनाI
- रंग बदलनाI
- लालपन होनाI
- सूजन आनाI
- दोनों ब्रेस्ट के आकार में परिवर्तन आनाI
- ब्रेस्ट या बगल में गांठ होनाI
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उत्तरांचल महिला एसोसिएशन उमा की अध्यक्ष साधना शर्मा ने कहा कि स्वस्थ रहने के डाइट, वर्क, एक्सरसाइज और अच्छी नींद बहुत जरूरी है। न्यूट्रिशनिस्ट रूपा सोनी ने कहा कि रखा हुआ खाना माइक्रोवेव में गर्म करके खाना बहुत नुकसानदायक है। शुद्ध, ताजा और पौष्टिक आहार लेना चाहिए। सुबह के समय वॉक करना जरूरी है। कार्यक्रम में मैक्स अस्पताल से ब्रांडिंग एंड मार्केटिंग मैनेजर श्रीराम अयंगर, एक्जीक्यूटिव निखिल कनौजिया मौजूद रहे।
सुझाव
पौष्टिक आहार लें और मॉर्निंग वॉक करेंI
इन्होंने किया प्रतिभाग
कार्यक्रम में पुष्पा भल्ला, अर्चि आनंद, रश्मि, मोना, प्रवीन शर्मा, डॉ. वीना डंगवाल, नीता मित्तल, सरिता कोहली, सुमन काला, वीना जैन, मधु जैन, साधना सिंघल, अंजली गर्ग, मिनी जायसवाल, देवयानी बिश्नोई, खुशी सिस्वाल, अनिता गुप्ता, श्वेता राय तलवार, मंजू, संगीता लखेड़ा, विजया बिष्ट, पल्लवी बलूनी, सारिका जायसवाल, रेखा चौधरी, परमजीत कौर, मनीषा नेगी, यशोदा और कल्पना शुक्ला मौजूद रहीं।I