प्रदेश्ा में भी डॉलर के मुकाबले रुपये के 64.11 से ऊपर पहुंच जाने का असर अब दिखने लगा है। हर तरफ हाय-हाय है। केवल अगस्त माह की बात करें तो रुपये में 6-7 फीसदी की गिरावट से माइक्रो स्माल इंडस्ट्री सहमी हुई है।
प्लास्टिक, रबर, केमिकल, फॉर्मूलेशन, इलेक्ट्रिकल गुड्स, इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री को तकरीबन 200 करोड़ा का झटका लग चुका है। आम आदमी का भी महंगाई के लगातार बढ़ते ग्राफ से कलेजा मुंह को आया है। डर उसके चेहरे पर साफ देखा जा सकता है।
बढ़ेगा किराया
क्रूड आयल महंगा होने का असर निश्चित रूप से पेट्रोल डीजल के रेट पर पड़ेगा। जानकारों का कहना है कि आने वाली 25 अगस्त के तुरंत बाद यह रेट सामने आ जाएंगे। इस बार पहले के मुकाबले कीमतों में अधिक बढ़ोत्तरी की संभावना है।
ऑटोमोबाइल निकालेगा तेल
इंपोर्टेड गाड़ियां तो महंगी होंगी ही। इसके अलावा मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट्स पर फर्कपड़ेगा। कई बाइकों के कंपोनेंट बाहर से आयात होते हैं। इसके अलावा रबर इंडस्ट्री भी सीधे प्रभावित होगी। टायर कार्ड महंगी होने से भी गाड़ियों की कीमतों पर असर पड़ेगा।
मनोरंजन देगा झटका
एलईडी, एलसीडी टीवी रुपये की कमजोरी के साथ ही आपकी जेब के लिए मुश्किल पैदा करेंगे। यानी मनोरंजन झटका देगा। एकाध कंपनी ने तो बढ़ोत्तरी का निर्णय भी लिया है। यह रेट आने वाली 26 अगस्त से लागू होने प्रस्तावित हैं।
सेहत बनेगी सिरदर्द
कई सारे केमिकल, फॉर्मूलेशन ऐसे हैं, जो बाहर से मंगाए जाते हैं। उनके लिए अधिक खर्चना पड़ सकता है। ऐसे में लोकल मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट्स में बनने वाली दवाओं के लिए जेब अधिक ढीली करनी पड़ेगी।
अगर रुपये की स्थिति यही बनी रही तो इंडस्ट्री को झटके के जख्म और गहरे हो सकते हैं। सरकार को गंभीर कदम उठाने की जरूरत है।
-पंकज गुप्ता, अध्यक्ष, इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड
पेट्रोल-डीजल में बीते दो साल में खासी बढ़ोत्तरी हुई है। इस वक्त क्रूड आयल 110 डालर प्रति बैरल है। यह आम आदमी को बुरी तरह प्रभावित करेगा।
-अमरजीत सेठी, पदाधिकारी, पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन
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