लच्छीवाला हर्रावाला रेलवे ट्रैक पर ट्रेन की टक्कर लगने से एक मादा हाथी की मौत हो गई। दो दिन में हाथी की मौत की यह दूसरी घटना है। चिकित्सकों द्वारा पोस्टमार्टम कराने के बाद हाथी के शव को दफनाया गया।
शनिवार को रेलवे के गश्ती दल की ओर से सूचना दी गई कि लच्छीवाला-हर्रावाला के बीच रेलवे ट्रैक पर एक हाथी की ट्रेन की टक्कर से मौत हो गई है। घटना की जानकारी मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी घनानंद उनियाल मौके पर पहुंचे और उच्चाधिकारियों को सूचना दी।
घटनास्थल पर वन संरक्षक पीके पात्रो, प्रभागीय वन अधिकारी देहरादून राजीव धीमान और एसडीओ बीबी मर्तोलिया आदि पहुंचे। वनक्षेत्राधिकारी घनानंद उनियाल ने बताया कि करीब 12 बजे के आसपास विभाग को इसकी जानकारी मिली थी।
मौके पर पहुंचकर हाथी के शव को कब्जे में ले लिया गया। मृत मादा हाथी की आयु लगभग 35-40 वर्ष के बीच है। उसके शरीर पर ट्रेन की टक्कर के चोटों के निशान हैं। घटना किस समय की है, इसको लेकर जांच पड़ताल हो रही है। अपराह्न में चिकित्सक डॉ. अमित ध्यानी और डॉ. राकेश नौटियाल की टीम ने मृत हाथी का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के बाद हाथी के शव को दफना दिया गया है।
दो दिन में दूसरी मादा हाथी की मौत
लच्छीवाला वन रेंज के गूलरघाटी बीट में दो दिन पहले करंट लगने से एक मादा हाथी की मौत से विभाग अभी संभल नहीं पाया था कि ट्रेन की टक्कर लगने से एक ओर मादा हाथी की मौत हो गई। इससे पहले 27 जुलाई को नकरौंदा रेलवे ट्रैक पर ट्रेन की टक्कर से रेलवे लाइन पर बनी पुलिया से नीचे गिरकर हाथी के एक बच्चे की मौत हो गई थी। बीते 19 नवंबर को हाईटेंशन लाइनों पर पेड़ गिरने से करंट उतरने पर एक मादा हाथी की मौत हो गइ थी।