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देहरादून: व्यक्ति पर कुत्तों के झुंड ने किया हमला, पैर से मांस गायब किया, इंफेक्शन फैला, हालत नाजुक

Fri, 23 Oct 2026 09:14 PM IST
Alka Tyagi माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून

सार

मरीज का नाम बंशी भट्ट है। वह डाकघर के पास रैन बसेरा में रह रहे थे। कुत्तों के झुंड ने उनपर हमला कर दिया।
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कुत्ते का हमला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दून के मुख्य डाकघर के पास एक 54 वर्षीय व्यक्ति पर कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। घायल को कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सक के अनुसार कुत्तों ने घायल के घुटने के नीचे से पूरा मांस गायब कर दिया। मरीज के पैर में इंफेक्शन भी फैल गया है। उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

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जानकारी के मुताबिक मरीज का नाम बंशी भट्ट है। वह डाकघर के पास रैन बसेरा में रह रहे थे। कुत्तों के झुंड ने उनपर हमला कर दिया। अस्पताल के प्लास्टिक सर्जन डॉ. कुश एरन के अनुसार घटना तीन दिन पहले की है। मरीज को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल लाया गया। मरीज के पैर में इंफेक्शन फैल गया है। इसमें सुधार होने के बाद स्किन ग्राफ्टिंग की प्रक्रिया की जाएगी।

जिले में कुत्ते के हमले बढ़े, लोगों में दहशत
जिले के अलग-अलग अस्पतालों में कुत्ते काटने के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दून अस्तपाल में दिन भी में 35 से भी अधिक मरीज एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं। इसके अलावा जिला अस्पताल में हर रोज करीब 25 और प्रेमनगर उपजिला चिकित्सालय में 40 मरीज वैक्सनी लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं। दून अस्पताल के आपात चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित अरुण के मुताबिक कुत्तों के हमलों में बढ़ोतरी पिछले कुछ दिनों में देखी गई है। एक महीने पहले हर रोज करीब 25 मामले सामने आते थे। लेकिन अब करीब 35 या उससे भी ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं।
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खुद के बचाव में हमला करते हैं कुत्ते
वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. वरून अग्रवाल के मुताबिक ज्यादातर कुत्तो तभी हमलावर होते हैं जब वे असुरक्षित महसूस करते हैं। अगर उनके पास के कोई तेज गति से वाहन निकाले तो वे हमलावर हो जाते हैं। अगर ठंड के मौसम की बात करें तो कुत्ते अक्सर अपने बच्चों के बचाव में आक्रामक दिखाई देते हैं। यही कारण है कि इस सीजन में मामले बढ़ जाते हैं।

प्रेम नगर उपजिला चिकित्सालय में सीरम नहीं
कुत्ते काटने के गंभीर घायलों को एंटी रैबीज वैक्सीन के साथ की सीरम भी लगाया जाता है। प्रेमनगर उपजिला चिकित्सालय में सीरम न होने से घायलों को देहरादून की दौड़ लगानी पड़ रही है। उपजिला चिकित्सालय में ही सबसे अधिक मरीज सामने आते हैं। ऐसे में मरीज परेशान हो रहे हैं।

सभी अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन का स्टॉक जांचने के निर्देश दिए गए हैं। कुत्ते के हमले में घायल लोगों को इधर-उधर न भागना पड़े इसके इंतजाम किए जा रहे हैं।
- डॉ. मनोज कुमार शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, देहरादून।
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