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'साहब, गुलदार नहीं कुत्तों से लगता है डर'

Tue, 21 Apr 2015 04:28 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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देहरादून के राजपुर रोड स्थित किशनपुर में दो मासूम बच्चों समेत पांच लोगों को कुत्तों ने जख्मी कर दिया।
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सभी को देखते मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है। जबकि अन्य तीन घायलों को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। किशनपुर क्षेत्र में आवारा कुत्तों के आतंक से लोगों में भारी आक्रोश है।

बता दें कि पिछले 15 दिनों में बीस से ज्यादा लोग कुत्तों का शिकार हो चुके हैं। सोमवार सुबह भी स्कूल जा रहे दो मासूम बच्चों को कुत्तों ने काट खाया। स्कालर होम स्कूल जा रहे आर्यन (10) और प्रिंस (12) को लोगों ने किसी तरह कुत्तों से बचाया।
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वहीं, तीन अन्य लोगों को भी कुत्तों ने काट खाया। इसके अलावा बाल विकास स्कूल में पढ़ने वाली नौ साल की बच्ची को भी कुत्ते ने काट खाया। स्थानीय लोगों ने नगर निगम में इसकी सूचना दी। लेकिन निगम ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए पल्ला झाड़ लिया।

पार्षद रोशन बाला ने बताया कि इलाके में कुत्तों के आतंक से लोग परेशान हैं। बच्चों का खेलना बंद हो गया है। लेकिन कहीं से राहत नहीं मिल रही। मेयर विनोद चमोली ने बताया कि जब तक एनिमल बर्थ कंट्रोल अस्पताल नहीं बन पाएगा, तब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकेगी।
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कटखने कुत्तों की शिकायत हर दिन

नगर निगम में कटखने कुत्तों की शिकायत हर दिन पहुंच रही है। कुत्ते के हमले में घायल हुए गुड्डू के पिता अपर मुख्य नगर अधिकारी कुश्म चौहान से बोले कि साहब, गुलदार से नहीं, कुत्तों से डर लगता है। कुत्तों के झुंड क्षेत्र में खुलेआम घूमते हैं, बच्चों का बाहर निकलना बंद हो गया है।

भयावह आंकड़े
जनवरी - 699
फरवरी - 819
मार्च - 852
अप्रैल अभी तक - 354
(नगर निगम के आधिकारिक आंकड़े)

एक दूसरे को काटने लगे कुत्ते
किशनपुर क्षेत्र में शाम को तब दहशत फैल गई जब कुत्ते एक दूसरे को ही काटने लगे। लोग अपने घरों में बंद हो गए। इस दौरान लहूलुहान कुत्तों को देखकर पूरा क्षेत्र सहम गया। पार्षद रोशन बाला ने बताया कि नगर निगम को इस संबंध में अवगत कराया गया है। स्थानीय लोगों में मुनादी कर दी गई है कि वह राहत होने तक बच्चों को बाहर न निकलने दें।

कई क्षेत्रों में कर्फ्यू जैसे हालात
आवारा कुत्तों की संख्या इतनी बढ़ गई है कि शहर के कई मोहल्लों की गलियों में कर्फ्यू जैसे हालात हो गए हैं। लोगों का इन गलियों से निकलना मुश्किल हो गया। हालात यह हैं कि कुत्तों से बचने के लिए लोग कई गली घूमकर निकल रहे हैं। रात के समय तो कुत्तों का आतंक और बढ़ जाता है। यह किसी भी वाहन पर झपट पड़ते हैं और दूर तक पीछा करते हैं।
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