राजधानी के सबसे बड़े अस्पताल दून में डॉक्टर ऑपरेशन कराने वाले मरीजों का इंतजार कर रहे हैं। बड़ी संख्या में मरीजों ने ऑपरेशन के लिए दून अस्पताल में संपर्क किया था, लेकिन कोविड के खौफ के चलते लोग अस्पताल आने से बच रहे हैं। अस्पताल में बुधवार को माइनर ऑर्थो के केवल दो ऑपरेशन हुए।
दून अस्पताल को कोरोना के दौरान कोविड अस्पताल बना दिया गया था। यहां कोरोना के मरीजों को भर्ती कर उपचार दिया गया। इसके कारण अस्पताल की अन्य सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं। अब धीरे-धीरे अस्पताल में सभी सेवाएं सुचारु हो रही हैं। ओपीडी में भी मरीजों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन ऑपरेशन के लिए कम ही मरीज पहुंच रहे हैं। अस्पताल में 500 के करीब ऑपरेशन लंबित हैं, लेकिन मरीज अस्पताल नहीं पहुंच रहे हैं। कोविड के खौफ को इसका प्रमुख कारण माना जा रहा है, लेकिन अन्य कारण भी हैं, जिसके चलते मरीज अस्पताल आने से बच रहे हैं।
दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि कोविड के डर समेत अन्य कई कारणों से ऑपरेशन वाले मरीज अस्पताल आने से बच रहे हैं। अस्पताल में ऑपरेशन की सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि ज्यादातर लोगों ने काफी पहले ऑपरेशन के लिए संपर्क किया था। हो सकता है इनमें से कुछ मरीजों ने दूसरे अस्पताल में ऑपरेशन करा लिया। वहीं, कुछ लोग सेकेंड ओपिनियन के लिए भी जाते हैं।