ओसला गांव के ग्रामीणों में नाइट ब्लाइंडनेस संबंधी समस्या की खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य महकमा हरकत में आया है।
सीएमओ ने अमर उजाला की खबर का संज्ञान लेते हुए मोरी अस्पताल के चिकित्सकों की टीम को गांव जाने के आदेश दिए हैं। सोमवार को चिकित्सकों की टीम गांव के लिए रवाना हो जाएगी। गांव में बीमारी से जूझ रहे ग्रामीणों को परीक्षण के लिए जिला अस्पताल लाया जाएगा।
जिला मुख्यालय से दो सौ किमी दूर सीमांत ओसला गांव में 13 से लेकर 70 वर्ष के बुजुर्ग आंखों की बीमारी से पीड़ित हैं। अमर उजाला के रिपोर्टर ने इस पूरे इलाके में पड़ताल कर हकीकत को सामने लाने का प्रयास किया था। अमर उजाला में तीन दिसंबर के अंक में ओसला गांव के ग्रामीणों में आंखों की बीमारी संबंधी खबर प्रकाशित हुई, जिसके बाद स्वास्थ्य महकमा हरकत में आया।
सीएमओ मेजर डा. बचन सिंह रावत ने खबर प्रकाशित होने के बाद ओसला गांव में आंखों की बीमारी का पता लगाने के लिए डाक्टरों की टीम को गांव जाने के आदेश दिए हैं। डा. रावत ने बताया कि टीम गांव जाकर बीमारों को चिह्नित कर परीक्षण के लिए जिला अस्पताल लाएगी। ग्रामीणों का आई चेकअप के बाद ही बीमारी के असल कारण का पता चल सकेंगे।