कभी-कभी डॉक्टर में अपने रोगियों के प्रति किस कदर संवेदनहीन हो जाते हैं, इसका उदाहरण ऑफ्थेमलॉजी (आंख) विभाग के डॉक्टरों ने अपने करतब से सिद्ध कर दिखाया है।
उत्तराखंड में श्रीनगर के बेस अस्पताल में बीती 3 जनवरी को हुए आपरेशन में एक किशोर के दायीं आंख में जो आपरेशन होना था, उसे बायीं आंख में कर दिया गया।
गरीब पिता डॉक्टरों के समक्ष गुहार लगाता रहा, लेकिन उसे यह कहकर टाल दिया गया कि दायीं आंख का आपरेशन कुछ दिन बाद किया जाएगा।
बायीं आंख फिट
बेस अस्पताल के डॉक्टर भले ही सुखदेव के दोनों आंखों को इलाज की जरूरत बता रहे हों, लेकिन उसके ओपीडी के पर्ची में दायीं आंख को कमजोर, जबकि बायीं आंख को फिट बताया गया है।
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान में ऑफ्थेमलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने बीते शुक्रवार को अगस्त्यमुनि के सुखदेव का आपरेशन किया। स्वयं विभागाध्यक्ष प्रो.पीडी शर्मा भी आपरेशन के समय मौके पर मौजूद थे। इतना ही नहीं, यह आपरेशन उन्हीं के द्वारा तय किया गया था।
18 वर्षीय सुखदेव को देखने के लिहाज से आंख में कोई बड़ी परेशानी नहीं थी, लेकिन उसकी बायीं आंख सामान्य जबकि दायीं आंख कुछ छोटी थी। इस समस्या को जेनिटल टेसिस कहते हैं। जिससे दोनों आंखों में अंतर के कारण चेहरे के आकर्षण पर फर्क पड़ता है।
श्रीनगर में ही काम कर गुजारा करने वाले सुखदेव को उसके दोस्त ने बेस अस्पताल में इलाज करने की सलाह दी। बेस अस्पताल में डॉक्टरों से चेकअप कराने के बाद सुखदेव का आपरेशन डॉक्टरों ने 3 जनवरी को तय किया और दायीं आंख की जगह बायीं आंख का ही आपरेशन कर डाला।
एनेस्थीसिया देकर किया गया आपरेशन
आंख से संबंधित अधिकांश आपरेशन यूं तो बिना एनेस्थीसिया के ही कर लिए जाते हैं। जिसमें सिर्फ आंख के पास के स्थान को ही सुन्न किया जाता है, लेकिन सुखदेव के आंख की पलक का जो आपरेशन होना था, उसमें जांघ की मांस से कुछ तंतु (फेसिया) निकाले जाने थे।
इन्ही तंतुओं को पलक पर लगाकर आंख की पलक को कुछ बड़ा करना था। इसलिए सुखदेव को एनेस्थीसिया देकर बेहोश किया गया। फिर इतने बड़े आपरेशन में डॉक्टरों ने इतनी बड़ी लापरवाही कैसे कर दी।
नहीं है प्लास्टिक सर्जन, फिर भी तय कर दी कॉस्मेटिक सर्जरी
बेस अस्पताल में कोई भी प्लास्टिक सर्जन मौजूद नहीं है। इसके बावजूद डॉक्टरों ने कॉस्मेटिक सर्जरी तय कर दी। अस्पताल में इस तरह कई अन्य विभागों में भी विशेषज्ञ डॉक्टरों के बिना इलाज चल रहे हैं। यहां तक कि कैंसर से संबंधित रोगियों को सर्जरी विभाग में इलाज दे दिया जा रहा है, जबकि अस्पताल के पास कैंसर का अलग से विभाग भी स्थापित है।
स्थानीय प्रतिनिधियों ने काटा हंगामा
आंख का आपरेशन कराने आए किशोर के गलत आपरेशन की सूचना मिलते ही भाजपा मंडल अध्यक्ष हयात सिंह झिंक्वाण तथा क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष विभोर बहुगुणा अन्य स्थानीय लोगों के साथ वार्ड में पहुंचे।
दूसरी आंख का आपरेशन कर दिए जाने पर उन्होंने विभागाध्यक्ष कार्यालय के समक्ष खूब हंगामा भी काटा। एमसीआई टीम के सदस्य इस दौरान विभाग में ही उपस्थित थे।
विभाग के अन्य डॉक्टरों ने किसी तरह उन्हें शांत कराया तथा अपने किए गए इलाज को सही ठहराने की कोशिश करते रहे।
इस तरह की कोई शिकायत मेरे पास नहीं आई है। यदि शिकायत आती है, तो उस पर कार्रवाई अवश्य करूंगा।
--डा.वीएल जहागिरदार, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज